देश के 23 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण पूरा
नई दिल्ली। जनगणना-2027 के तहत मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना (एचएलओ) का पहला चरण अब तक 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पूरा हो चुका है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में जनगणना का कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।
मंत्रालय के अनुसार अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना और उत्तराखंड में जनगणना-2027 का प्रथम चरण पूरा हो चुका है।
ये खबर भी पढ़े : यूपी में आंधी-बारिश का कहर: 7 लोगों की मौत, सैकड़ों खंभे- पेड़ गिरे, कई जिलों में ब्लैकआउट जैसे हालातमहाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान, झारखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में 16 मई से 14 जून तक संचालित मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है, जबकि पंजाब में यह प्रक्रिया 13 जून को पूरी हुई।
ये खबर भी पढ़े : आगामी चुनावाें में फिर चारों खाने चित होगा सपा और कांग्रेस का इंडी गठबंधन : अनुप्रिया पटेलइस बीच गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी और उत्तर प्रदेश में घर-घर जाकर मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना का कार्य जारी है। हिमाचल प्रदेश में मंगलवार से फील्ड ऑपरेशन शुरू हो गए हैं, जो 15 जुलाई तक चलेंगे।
केरल और नगालैंड में स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) सुविधा शुरू कर दी गई है, जो 30 जून तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद इन दोनों राज्यों में एक जुलाई से 30 जुलाई तक घर-घर जाकर गणना का कार्य किया जाएगा।
गृह मंत्रालय ने बताया कि जनगणना-2027 पहली बार डिजिटल माध्यम से कराई जा रही है। इसके लिए विशेष मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग किया जा रहा है, जबकि पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की व्यवस्था भी बरकरार रखी गई है। मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना के दौरान आवासीय स्थिति, परिवारों के विवरण, उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी 33 प्रश्नों वाली अधिसूचित प्रश्नावली के माध्यम से एकत्र की जा रही है।
मंत्रालय ने नागरिकों से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी और गणनाकर्मियों को पूरा सहयोग देने की अपील की है। साथ ही कहा है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्र की गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय तथा विकासात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
