बेगूसराय में अधिकार मित्रों की चयन सूची में धांधली, जांच कराने की मांग
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से अधिकार मित्रों के साक्षात्कार के बाद जारी चयन सूची में धांधली की गई है। जिसे वंचित अधिकार मित्रों ने सूची की जांच कराने की मांग हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से कराने की मांग की है। जारी सूची में कुछ ऐसे दावेदारों को शामिल किया गया है, जो जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय में न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों का मुखबिरी हैं, और अपने परिवार के कई रिश्तेदारों को शामिल किया गया है। जबकि वेलोग एक ही परिवार से आते हैं।
इस सूची से वर्षों से अनुभव रखने वाले अधिकार मित्रों को वंचित कर दिया गया है। जबकि साक्षात्कार में तीन सदस्यीय न्यायिक अधिकारियों ने अनुभवी अधिकार मित्रों को चयन सूची में शामिल करने में सहमति जताई थी। लेकिन ठीक उसके विपरीत प्रक्रिया की गई है। या तो न्यायिक अधिकारियों ने निर्देश पर यह सूची जारी की गयी, जिसमें कर्मचारियों ने हेराफेरी की है, याफिर कर्मचारियों ने अपने चहेते को सूची में शामिल किया है। अब, देखना है कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चयनित सूची में फेरबदल करवाने का आदेश देते हैं या न्यायिक अधिकारी अपने आदेश पर अडिग रहते हैं।
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पत्रकारिता में आठ वर्षों का अनुभव रखने वाले नंद किशोर वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बेगूसराय–पटना ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। बिहार में आधारित रहते हुए वह क्षेत्रीय और प्रशासनिक मुद्दों की तथ्यपरक कवरेज कर रहे हैं।
