आषाढ़ माह का किसानो को बहुत ही उपयोगिता और महत्व होता,
आषाढ़ माह : ( पं सुभाष पाण्डेय )हिन्दी पंचांग के अनुसार एक वर्ष में कुल १२ महीने होते है। जिनमे चौथे नंबर पर पड़ने वाले माह को आषाढ़ माह कहते है यह वही महीना है जिससे बरसात की शुरुवात होती है यह माह किसानो के लिए एक खजाना खोलता है प्रकिति भी इस माह में पानी बरषा कर अपनी सम्पदावो को भेट करती है. इसी बरसात में प्रकीति अपना श्रृंगार करती है , हरे भरे मैदान खेत खलिहान हो जाते है। नदी नालो में पानी बहाने लगता है।
पुराणों में आषाढ़ मास को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है। वर्षा ऋतु के प्रारंभ के साथ ही देवशयनी एकादशी, गुप्त नवरात्रि और जगन्नाथ यात्रा जैसे प्रमुख त्योहार इसी महीने आते हैं। स्कंद पुराण के अनुसार माना जाता है कि आषाढ़ मास में सूर्य देव और भगवान विष्णु की पूजा करने से सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है। इस साल 2026 में आषाढ़ मास का प्रारंभ 30 जून,मंगलवार के दिन हो रहा है
हिंदू धर्म में आषाढ़ महीने का विशेष महत्व होता है। आषाढ़ का महीना भगवान विष्णु की पूजा-पाठ के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। आषाढ़ के महीने से देशभर में वर्षा ऋतु का आगमन रहता है जिसमें चारों तरफ हरियाली, उत्साह और नई ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में किए जाने वाले पूजा-पाठ, दान, तप और जाप का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं इसका धार्मिक महत्व।
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हिंदू धर्म में आषाढ़ का महीना शुभ और पवित्र महीनों में एक माना जाता है। इस महीने में ही भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है। आषाढ़ महीने में ही देवशयनी एकादशी आती है जिसमें भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। जिसके साथ चार महीने के लिए चातुर्मास की शुरुआत होती है। चातुर्मास में भगवान विष्णु चार महीने लिए क्षीर सागर में विश्राम के लिए चले जाते हैं। जिससे सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य थम जाते हैं। आषाढ़ महीने में गुरु की कृपा पाने के लिए सबसे पवित्र महीना माना जाता है। यह महीना गुरु की सेवा और सम्मान के लिए विशेष होता है।
आषाढ़ महीने में क्या करें
- आषाढ़ महीने में प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा-आराधना करें।
- इस माह विष्णु सहस्त्रनाम और श्रीहरि के मंत्रों का जाप करना शुभ फलदायी माना जाता है।
- आषाढ़ के महीने में दान करने का खास महत्व होता है। इस माह जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।
- आषाढ़ में आने वाली एकादशी और दूसरे व्रत के नियमों का पालन करें।
- गुरुओं को सम्मान करें और धार्मिक ग्रंथों का लगातार अध्ययन करें।
आषाढ़ माह में इन कार्यों को करने से बचें
- आषाढ़ माह में तामसिक भोजन करने से बचें।
- इस माह किसी भी तरह के गलत काम को करने से बचें और नशे से दूर रहें।
- किसी को कटु वचन बोलने से बचें और सेवा भाव रखें।
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
