बीजलपुर नर्सरी में जिला स्तरीय वन महोत्सव, 500 से अधिक पौधों का रोपण
प्रभारी सचिव शुचि त्यागी ने बरगद का पौधा लगाकर दिया हरियाली का संदेश, उत्कृष्ट कार्य करने वाले 22 वनकर्मी व वन्यजीव संरक्षक
प्रकाश चंद्र शर्मा
करौली- पर्यावरण संरक्षण एवं जिले में हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को बीजलपुर गांव के समीप स्थित बीजलपुर नर्सरी में 77वां जिला स्तरीय वन महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रभारी सचिव एवं पर्यटन विभाग की सचिव शुचि त्यागी ने बरगद का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और अधिकाधिक वृक्षारोपण का संदेश दिया।
प्रभारी सचिव शुचि त्यागी ने कहा कि वन महोत्सव को जन-अभियान का स्वरूप देते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से ही जिले में हरित आवरण बढ़ाया जा सकता है और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण की विरासत सौंपी जा सकती है।
उन्होंने वन विभाग के कार्मिकों एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 22 वनकर्मियों एवं वन्यजीव संरक्षकों को सम्मानित किया।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मां यशोदा के नाम किया पौधारोपण
वन महोत्सव के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में ‘मां यशोदा’ के नाम पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इनमें बरगद, कदंब, कल्पवृक्ष एवं बिल्वपत्र सहित अनेक प्रजातियां शामिल रहीं। पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ भारतीय संस्कृति एवं प्रकृति के बीच के गहरे संबंध का संदेश भी दिया गया।
जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को प्रकृति से जोड़कर उनमें पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित की जानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण के महत्व को समझ सके।
उन्होंने जिलेवासियों से अधिकाधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना तभी सार्थक होगा, जब उसकी जिम्मेदारी लेकर उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखा जाए।
वन विभाग की कार्ययोजना की दी जानकारी:
कार्यक्रम में वन विभाग के उपवन संरक्षक ओमप्रकाश जांगिड़ ने जिले में अब तक किए गए पौधारोपण एवं विभाग की आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने, पौधों के संरक्षण तथा जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को गति देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सिंह मीना, वन संरक्षक एवं वन विभाग के जिला प्रभारी हरि किशन सारस्वत, उपवन संरक्षक संजीव शर्मा, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र मीना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, वनकर्मियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने 500 से अधिक पौधों का रोपण किया। वन महोत्सव के माध्यम से जिले को हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के साथ पौधों के संरक्षण को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 35 वर्षों से सक्रिय प्रकाश चंद्र शर्मा एक स्वतंत्र पत्रकार के रूप में कार्य कर रहे हैं। राजस्थान के जयपुर से रिपोर्टिंग करते हुए वह ‘तरुणमित्र’ के साथ भी जुड़े हुए हैं और समाचार लेखन व कवरेज में योगदान दे रहे हैं।
