भारत-चीन सीमा पर शांति जरूरी, डोभाल-वांग यी में सहमति
नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा मुद्दे पर भारत के विशेष प्रतिनिधि चीनी विदेश मंत्री वांग यी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच हुई वार्ता में भारतीय पक्ष ने द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास और प्रगति के लिए भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को उसकी जानकारी दी।
मंत्रालय के अनुसार, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) सेंट्रल कमिटी के पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और भारत-चीन सीमा मुद्दे पर भारत के विशेष प्रतिनिधि अजीत डोभाल ने 24-25 अगस्त के बीच बीजिंग का दौरा किया।
इस दौरे के दौरान, दोनों विशेष प्रतिनिधियों ने भारत-चीन सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत के 25वें दौर की सह-अध्यक्षता की।
मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के रणनीतिक मार्गदर्शन में और रचनात्मक व भविष्योन्मुखी भावना के साथ, दोनों विशेष प्रतिनिधियों ने भारत-चीन सीमा मुद्दे पर खुलकर और गहराई से विचारों का आदान-प्रदान किया।
वे अपने व्यापक और दीर्घकालिक हितों के संदर्भ में सीमा मुद्दे के राजनीतिक समाधान की दिशा में काम जारी रखने पर सहमत हुए।
दोनों पक्षों ने अक्टूबर 2024 में कज़ान और अगस्त 2025 में तियानजिन में अपने नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने में हुई प्रगति पर ध्यान दिया।
दोनों पक्षों ने लोगों के बीच आपसी संपर्क और सीमा-पार आदान-प्रदान के लगातार बहाल होने पर संतोष व्यक्त किया, जिसमें चल रही कैलाश मानसरोवर यात्रा और तीन निर्धारित सीमा व्यापार मार्गों के माध्यम से सीमा व्यापार शामिल है।
दोनों पक्षों ने आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। दौरे के दौरान एनएसए अजीत डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात की।
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