डीयू के सभी कॉलेजों में हॉस्टल की मांग पर नहीं हुई सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट में सभी कॉलेजों में हॉस्टल की सुविधा वाली याचिका पर सुनवाई टली
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हर कॉलेज में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग करने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। आज वकील विमल त्यागी ने इस मामले को चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन करते हुए आज ही सुनवाई की मांग की।
बेंच ने कहा कि इस पर कोर्ट आज कोई भी अंतरिम आदेश जारी नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि आप जनहित याचिका दायर कीजिए ये अपने आप लिस्ट हो जाएगी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि सत्य निकेतन में पीजी वाले बिल्डिंग के गिरने के मामले पर 7 सितंबर को ही सुनवाई हुई थी। आपकी याचिका पर कल (बुधवार) सुनवाई होगी। बुधवार को जनहित याचिका पर सुनवाई का दिन है। आप याचिका दाखिल कीजिए ये अपने आप बुधवार को लिस्ट हो जाएगी।
कोर्ट ने विमल त्यागी से पूछा कि क्या इस मामले पर अंतरिम आदेश जारी किया जा सकता है। सात सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली नगर निगम को निर्देश दिया था कि वो दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग के अचानक भरभराकर गिरने के मामले की उच्चस्तरीय जांच करे।
चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वो इस हादसे में फंसे छात्रों को बचाने के काम में तेजी लाए। हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मामले की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
