श्रीलंका में मानव-हाथी टकराव रोकने की तैयारी
अंपारा में 14 नई हाथी नियंत्रण इकाइयां बनाने का काम शुरू, 2,015 कर्मी तैनात
कोलंबो। श्रीलंका सरकार ने अंपारा जिले में बढ़ते मानव-हाथी टकराव से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में 14 नई हाथी नियंत्रण इकाइयां बनाना शामिल है। यह फैसले 20 सितंबर को पर्यावरण मंत्री डॉ. डम्मिका पताबेंडी की अध्यक्षता में हुई अंपारा जिला मानव-हाथी टकराव प्रबंधन समिति की विशेष बैठक में लिए गए। 14 हाथी नियंत्रण इकाइयों को स्थापित करने का शुरुआती चरण पहले ही शुरू हो चुका है।
द मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, पर्यावरण मंत्री डॉ. डम्मिका पताबेंडी ने अधिकारियों को इनके काम को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है।बैठक में कचरे से ऊर्जा बनाने वाली परियोजना शुरू करने पर भी चर्चा हुई। यह अड्डलाईचेनाई कचरा डंप से जुड़ी पर्यावरणीय समस्याओं का एक दीर्घकालिक समाधान हो सकता है, क्योंकि यह डंप जंगली हाथियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।बैठक में मानव और भौतिक संसाधनों को बढ़ाकर जमीनी कामकाज को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया गया। इसके तहत, वन्यजीव संरक्षण विभाग की मदद के लिए सिविल सुरक्षा विभाग के 1,463 कर्मियों और मल्टी-पर्पज डेवलपमेंट टास्क फोर्स के 552 अधिकारियों को तैनात किया गया है।
वन्यजीव विभाग को 38 मोटरसाइकिलें और दो डबल-कैब वाहन भी मिले हैं। अगले दो हफ्तों में वन्यजीव कार्यालयों को नौ और सिंगल-कैब वाहन दिए जाने की योजना है।समिति ने गांव स्तर की समितियां बनाने का भी फैसला किया, जो इस टकराव के प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी को मजबूत करने के लिए हर महीने बैठक करेंगी। ये समितियां इलेक्ट्रिक फेंसिंग (बिजली के बाड़) और हाल ही में लगाए गए स्प्रिंग गेट्स के रखरखाव में मदद करेंगी। साथ ही, वन क्षेत्रों में मवेशियों के अनधिकृत प्रवेश को रोकने और संरक्षित क्षेत्रों से पहले से मौजूद ऐसे मवेशियों के झुंड को हटाने के लिए कानूनी और प्रशासनिक कदम भी उठाए जाएंगे।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
