अमेरिका ने लॉन्च किया 'गोल्डन डोम' पोर्टल
रक्षा कंपनियों और स्टार्ट-अप्स को मिलेगा फायदा
वॉशिंगटन। अमेरिका ने मंगलवार को एक डिजिटल पोर्टल शुरू किया है, जिसका मकसद रक्षा कंपनियों, टेक्नोलॉजी स्टार्ट-अप्स, निवेशकों और शोधकर्ताओं को अपने प्रस्तावित 185 अरब डॉलर के 'गोल्डन डोम' मिसाइल रक्षा सिस्टम के विकास से जोड़ना है। अमेरिका के लिए 'गोल्डन डोम' के निदेशक जनरल माइक गुएटलीन ने सालाना 'स्पेस एंड मिसाइल डिफेंस सिम्पोजियम' में 'गोल्डन डोम फॉर अमेरिका इकोसिस्टम हब' की घोषणा की।
यह प्लेटफॉर्म कार्यक्रम के अधिकारियों और पारंपरिक डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर्स, कमर्शियल टेक्नोलॉजी कंपनियों, वेंचर कैपिटल निवेशकों, विश्वविद्यालयों, शोध प्रयोगशालाओं और नए उद्यमियों के बीच एक साझा संपर्क केंद्र के रूप में काम करेगा।इसके जरिए संभावित उद्योग साझेदार पंजीकरण कर सकेंगे, अपने विचार अपलोड कर सकेंगे और सीधे कार्यक्रम के निर्णय लेने वालों को अपने डिजाइन भेज सकेंगे। रक्षा विभाग का कहना है कि इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लगने वाले कई महीनों के विलंब को कम किया जा सकता है।
यह पोर्टल कार्यक्रम में मौजूद क्षमताओं की कमियों से जुड़ी वास्तविक समय की, गैर-गोपनीय जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। कंपनियां और निवेशक इन जानकारियों का उपयोग करके अपने शोध और विकास कार्य को कार्यक्रम की तत्काल जरूरतों के अनुसार दिशा दे सकेंगे।गुएटलीन ने कहा, "नई पीढ़ी के उन्नत और तेजी से दिशा बदलने वाले हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए हमें ऐसा रक्षा कवच बनाना होगा जो दुश्मन की तुलना में अधिक तेजी से खुद को ढाल सके।"
उन्होंने कहा, "हम यह काम सरकारी प्रक्रियाओं की अनावश्यक बाधाओं को कम करके, साझेदारियों के जरिए नवाचार को बढ़ावा देकर और 'आर्सेनल ऑफ फ्रीडम' की असली ताकत का उपयोग करके कर रहे हैं।"उन्होंने आगे कहा कि हम व्यावसायिक नवाचार और राष्ट्रीय रक्षा के बीच मौजूद पुरानी दीवारों को तोड़ रहे हैं और उस 'वैली ऑफ डेथ' को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, जहां अक्सर महत्वपूर्ण तकनीकों की तैनाती अटक जाती है।विभाग ने इस पोर्टल को अमेरिका की ओर से मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों के खिलाफ अपनी अगली पीढ़ी की बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली बनाने के तरीके में एक बड़ा बदलाव बताया है।
गुएटलीन ने कहा कि सरकार इस परियोजना की लागत को नियंत्रित रखने के लिए बाजार में पहले से उपलब्ध तकनीकों का इस्तेमाल करेगी और आपूर्तिकर्ताओं के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी।उन्होंने कहा कि देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए जरूरी निवेश करने के साथ-साथ हम 'गोल्डन डोम' को तैयार करने के लिए आवश्यक 185 अरब डॉलर के हर डॉलर का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। इसीलिए हम पहले से उपलब्ध व्यावसायिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं और लागत कम रखने के लिए प्रतिस्पर्धी माहौल बना रहे हैं।
यह पोर्टल आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और अमेरिकी रक्षा औद्योगिक आधार का विस्तार करने में भी मदद करेगा। योग्य आपूर्तिकर्ताओं को नए निवेश स्रोतों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।विभाग के अनुसार, कई कंपनियों की भागीदारी से छोटे स्तर के आपूर्तिकर्ताओं से जुड़ी कमजोरियां कम होंगी, किसी एक कंपनी पर निर्भरता घटेगी और उत्पादन क्षमता को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी।
गोल्डन डोम को एक बहु-स्तरीय रक्षा प्रणाली के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो आने वाले विभिन्न प्रकार के हवाई और मिसाइल खतरों का पता लगाने, उनकी निगरानी करने और उन्हें रोकने में सक्षम होगी। आम तौर पर ऐसी प्रणालियां आपस में जुड़े सेंसर, कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम और इंटरसेप्टरों पर आधारित होती हैं, जो हमले के अलग-अलग चरणों में काम करते हैं।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
