हनुमान चालीसा पाठ ने ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में कराया अपना नाम दर्ज
मेलबर्न की संसद से गूंजा सनातन का संदेश: डाँ. नरेश पुरी जी महाराज के मार्गदर्शन में भारतीय संस्कृति को मिली वैश्विक पहचान
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प्रकाश चन्द्र शर्मा
मेलबर्न (आस्ट्रेलिया)/मेंहदीपुर। बालाजी ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित विक्टोरिया पार्लियामेंट हाउस में आयोजित प्रतिष्ठित भारत गौरव सम्मान समारोह भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और वैश्विक भारतीय समाज के लिए एक अविस्मरणीय अध्याय बन गया। सात समंदर पार विदेशी धरती पर जब भारतीय संस्कृति की पताका लहराई तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो सनातन की गंगा अपनी निर्मल धारा के साथ विश्व समुदाय के हृदय तक पहुंच गई हो। समारोह में मेहंदीपुर बालाजी धाम के पीठाधीश्वर महंत पूज्य डॉ. नरेश पुरी जी महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक अस्मिता और विश्वबंधुत्व का प्रेरक संदेश दिया।
समारोह में समाजसेवा, आध्यात्मिक जागरण, भारतीय संस्कृति तथा सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न देशों के व्यक्तित्वों और संस्थाओं को 'भारत गौरव' सम्मान से अलंकृत किया गया।
अपने उद्बोधन में महंत डॉ. नरेश पुरी जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति केवल रीति-रिवाजों का संग्रह नहीं बल्कि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की उस अमर जीवन-दृष्टि का प्रतीक है, जो समस्त मानवता को प्रेम, करुणा और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाती है। उन्होंने विश्वभर में बसे भारतीयों से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने तथा नई पीढ़ी को संस्कारों और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि भारत में पूर्वी राजस्थान के करौली जिले में हरियाली से आच्छादित पहाड़ियों के बीच स्थित देश के प्रमुख धर्म स्थल घाटा मेंहदीपुर बालाजी के महंत डॉ. नरेश पुरी जी महाराज के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से ऑस्ट्रेलिया सहित अनेक देशों में भगवान श्री बालाजी महाराज एवं श्री हनुमान जी की महिमा तथा भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ ने ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया, जिसका प्रमाणपत्र गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रतिनिधियों द्वारा महंत महाराज को समर्पित किया गया। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जहां आस्था होती है, वहां सीमाएं भी छोटी पड़ जाती हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी महंत डॉ. नरेश पुरी जी महाराज के मुख्य आतिथ्य एवं मार्गदर्शन में लंदन की संसद तथा फ्रांस की सीनेट जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हनुमान चालीसा एवं श्री हनुमान महिमा चरित्र के ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुके हैं। इन आयोजनों ने अनेक अंतरराष्ट्रीय विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने के साथ-साथ विश्व मंच पर भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। 'जहाँ-जहाँ भारतीय संस्कृति पहुँची, वहाँ-वहाँ उसने दिलों को जोड़ने का कार्य किया'-यह भाव इन आयोजनों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।
समारोह में उपस्थित भारतीय मूल के नागरिकों, विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों तथा गणमान्य अतिथियों ने महंत डॉ. नरेश पुरी जी महाराज के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत के विश्वव्यापी विस्तार के सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से भारत की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक नेतृत्व आने वाले समय में और अधिक सुदृढ़ होगा।
सनातन संस्कृति, धर्म और मानव सेवा के प्रति समर्पित महंत डॉ. नरेश पुरी जी महाराज को प्राप्त यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान केवल एक संत का अभिनंदन नहीं, बल्कि मेहंदीपुर बालाजी धाम की गौरवशाली परंपरा, भारतीय आध्यात्मिक विरासत और सनातन संस्कृति के वैश्विक सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह उपलब्धि भारत की उस सांस्कृतिक शक्ति का परिचायक है, जो समय, सीमाओं और भाषाओं से परे जाकर विश्व को एक सूत्र में बांधने का सामर्थ्य रखती है।
श्रद्धालुओं ने इस सम्मान को संपूर्ण सनातन समाज के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि महंत डॉ. नरेश पुरी जी महाराज का जीवन धर्म, सेवा, संस्कार और मानव कल्याण की उस अखंड ज्योति के समान है, जिसकी आभा आज विश्व मंच पर भी उज्ज्वल रूप से प्रकाशित हो रही है। 'सत्कर्म की सुगंध सीमाओं की मोहताज नहीं होती'-यह सम्मान उसी सत्य का सजीव प्रमाण बनकर उभरा है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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