14 साल की वफादारी के बाद भी कंपनी ने छंटनी में नौकरी से निकाला
नोएडा : हर इंसान के कंधे पर उसके परिवार की जिम्मेदारियां होती है जिसे पूरा करने के लिए उसे कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। कुछ लोग बिजनेस करते हैं मगर एक बड़ी आबादी नौकरी करके पैसा कमाती है और लोग उस पैसे से अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करते हैं। अब आप जरा सोचिए कि आप नौकरीपेशा इंसान हैं और एक कंपनी में काफी लंबे समय से काम कर रहे हैं। आपको जिस कंपनी ने नौकरी दी, आपके उसके प्रति वफादार हैं और वहीं पर काम करके रिटायर होना चाहते हैं मगर अचानक आपको वही कंपनी नौकरी से निकाल दे तो फिर आपको कैसा लगेगा? ऐसा एक शख्स के साथ हुआ जिसकी कहानी आज हम आपको बताने जा रहे हैं। आइए फिर आपको उसकी कहानी बताते हैं।
पोस्ट में क्या लिखा है?
अभी लिंक्डइन पर हमें जो कहानी मिली उसे किरण वर्मा नाम के शख्स ने पोस्ट किया है। उन्होंने पूरी बात बताई है। उन्होंने पोस्ट में लिखा है, 'मैं नोएडा में किसी को एक अर्जेंट लेटर भेज रहा था इसलिए मैंने पोर्टर बुक किया क्योंकि उसका खर्च सिर्फ 40 रुपए था। मैं घर पर था और तैयार हो रहा था इसलिए मैंने आधे कपड़े पहने थे। एक बूढ़ा आदमी पोर्टर राइडर के तौर पर आया। मैं पहली मंज़िल पर रहता हूं इसलिए मैं उन्हें देने के लिए नीचे नहीं जा सका। वो थोड़ी मुश्किल से ऊपर आए और मैंने नीचे न आने के लिए सॉरी कहा। मैंने उन्हें पानी दिया लेकिन उन्होंने मना कर दिया। वो मुस्कुराए और लिफाफा लेते हुए कहा, "आज काम ही नहीं था, काम के लिए इंतजार कर रहा था।'
पोस्ट में आगे लिखा है कि, 'मैं साफ देख सकता था कि उस आदमी का ड्रेसिंग सेंस अच्छा था और वह काफी पॉलिश्ड लग रहे थे। वो चला गए और मुझे उनेके लिए बुरा लगा, मैं गिल्ट से भर गया क्योंकि मैंने उस बूढ़े आदमी को अपने आलस के लिए परेशान होने दिया। मैंने उन्हें वापस कॉल किया और वापस आने के लिए कहा। मैंने उसे अंदर बुलाया और आराम करने के लिए बैठने को कहा।'
उस बुजुर्ग आदमी ने क्या कहा?
उस पोस्ट में आगे बताया गया है कि उस बुजुर्ग आदमी ने क्या कहा। पोस्ट में लिखा है, 'उन्होंने मुझे बताया कि उनका नाम मनोज (56) है और वे TATA AIA लाइफ इंश्योरेंस में एडमिन डिपार्टमेंट में काम करते थे। 2023 में बड़े पैमाने पर लेऑफ़ हुआ और वे उन लोगों में से थे जिन्हें कंपनी में 14 साल काम करने के बाद पिंक स्लिप दी गई थी।'
जब शख्स ने उस बुजुर्ग आदमी से इसके पीछे का कारण पूछा तो उन्होंने बड़ी गहरी बात कही। उन्होंने कहा कि, 'जब सब्जी बनाते हैं तो करी पत्ता सबसे पहले डालते हैं पर जब सब्जी खाते हैं तो सबसे पहले करी निकालते हैं।' उनकी कही ये लाइन बड़ी गहरी है और शायद आप भी इसे नहीं भूलेंगे।
शख्स ने पोस्ट में आगे क्या लिखा?
लिंक्डइन पर पोस्ट करने वाले किरण वर्मा ने आगे लिखा, 'मुझे उनके लेऑफ़ के पीछे की असली वजह नहीं पता और न ही मुझे पता है कि मनोज जी अपनी नौकरी में कितने अच्छे थे। उनकी सेहत और उम्र की वजह से उन्हें दोबारा नौकरी नहीं मिली लेकिन उनकी बातें सच में याद रखने लायक थीं क्योंकि हम सब बिल्कुल वैसी ही जिंदगी जी रहे हैं। हमने कुछ मिनट बातें की और उन्होंने कई ज्ञान की बातें कहीं जिन्हें मैं कभी नहीं भूलूंगा।'
लोगों ने क्या रिएक्ट किया?
पोस्ट को देखने और शख्स की कहानी जानने के बाद कई लोगों ने रिएक्ट किया है। एक यूजर ने लिखा- आपके पास अगर उनका नंबर है तो मुझे दीजिए, मैं उन्हें Admin में नौकरी दिला सकता हूं। दूसरे यूजर ने लिखा- उन पर ध्यान देने और हमें यह बात बताने के लिए आपका धन्यवाद कि हम सभी को अच्छे इंसान बनने की कोशिश करनी चाहिए। तीसरे यूजर ने लिखा- जिंदगी मुश्किल है, विनम्र रहें। एक और यूजर ने लिखा- 'लाड़ली बहन' योजना के बजाय अगर सरकार बुढ़ापे में इन लोगों का ध्यान रखे तो यह कहीं बेहतर होगा।
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
