महिला आरक्षण पर घमासान, मुख्यमंत्री बोले- अब भी समय है समर्थन करे विपक्ष

Published By Tarunmitra
On
Tarunmitra Picture

भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम को लेकर आयोजित विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोकझोक हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि अब भी समय है, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करे।

सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में ‘नारी शक्ति वंदन संकल्प’ प्रस्तुत किया। संकल्प में देश की संसद और सभी विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने और परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई। इस पर दिनभर हुई चर्चा के दौरान सत्ता-पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोंकझोक हुई।

शाम को सदन में मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे लिए घर में दीपावली का आनंद भी दूसरों के आशीर्वाद से ही संभव होता है। जब शस्त्र उठाने की बात आती है, तो मां जगदंबा के आशीर्वाद से ही विजय यात्रा का संकल्प हमारी संस्कृति देती है। उन्होंने कहा कि इतिहास में महिला सशक्तिकरण और समानता की बातें जरूर हुईं, लेकिन 1947 में देश आजाद होने के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद इन मुद्दों पर अपेक्षित काम नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि आज के इस सत्र में दोनों पक्षों ने अपने विचार अच्छे ढंग से रखे हैं और इसके लिए वे सभी का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की आबादी में आधी हिस्सेदारी महिलाओं की है और उसी नाते वे सभी का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में भगवान श्रीराम के उद्घोष के साथ “जननी जन्मभूमि स्वर्गादपि गरीयसी” का भाव जुड़ा है। यह भावना केवल सत्ता से नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और देश के प्रति समर्पण से जुड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इधर-उधर की बातें कर रही है। कांग्रेस के शासनकाल में ही कई निर्णय लिए गए, जिनमें विसंगतियां रहीं। 1928 में जो बातें उठाई गईं, बाद में उनमें बदलाव किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया, लेकिन 42वें संविधान संशोधन के जरिए परिसीमन की प्रक्रिया को रोक दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यह संशोधन किसने लाया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल के समय संविधान संशोधन लाने का पाप किसने किया था? यह कांग्रेस का पाप है कि हमने अपनी बहनों के साथ अन्याय करते हुए इस भावना के आधार पर उन्हें रोकने का प्रयास किया। अगर संविधान संशोधन में परिसीमन के बलबूते पर 1972 में प्रति लोकसभा 10 लाख की आबादी थी, तो आज विधानसभाओं और लोकसभा के बीच आधी आबादी का गला घोंटकर उनका रास्ता रोकने का काम कांग्रेस ने किया। आज ज्यादा अच्छा होता कि आप माफी मांगते कि 50 साल पहले हमने बहनों का 33% आरक्षण रोका।

उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने विनम्रता के साथ कहा कि आप श्रेय ले लो, विज्ञापन छपवा लो, हमें कोई श्रेय नहीं चाहिए, लेकिन यह देश की आधी आबादी का प्रश्न है। आप इस बात पर सहमत हो जाओ कि हमारे पास बहुमत है या नहीं। आपके पास 1984 में भी बहुमत था। जब मैं देखता हूं कि नकारात्मक प्रवृत्ति की भी कोई सीमा होती है, तो कांग्रेसी मित्र कमाल करते हैं। जब सत्ता में होते हैं तब भी परिसीमन का विरोध और जब विपक्ष में होते हैं तब भी परिसीमन का विरोध। यह आधी आबादी को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं? उनका हक कौन नहीं दिलाना चाहता, यह आपकी ही गलती है। अगर हम दो-तिहाई बहुमत के साथ सदन में होते, तो हम आपकी ओर देखकर यह बात नहीं करते। आप आइए, जैसा चाहें वैसा कहिए। शुरुआत से देखें तो कांग्रेसी जितनी तेजी से रंग बदलते हैं, उतनी तेजी से तो गिरगिट भी नहीं बदलता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना संविधान संशोधन और बिना परिसीमन के इस बिल को पारित नहीं किया जा सकता। एक तरफ आप दिल्ली में रहते हुए परिसीमन का विरोध करते हैं, जब सत्ता में थे तब भी विरोध कर इसे फ्रीज कर दिया और अब जब इसे लागू करने की बात आई तो फिर विरोध कर रहे हैं। आखिर आप चाहते क्या हैं? यदि हम आरक्षण का समर्थन कर रहे हैं, तो आप भी समर्थन करें। आप संविधान संशोधन कर दें, दोनों पक्षों की बात पूरी हो जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा- क्या आप मोदी जी की तरफ से गारंटी ले रहे हैं? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संविधान संशोधन का मामला है। अभी यह समझ नहीं आ रहा कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। हमने अपनी तरफ से गारंटी दे दी है। अपने दिल्ली के नेताओं से भी पूछ लीजिए। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 33 प्रतिशत का जो हक मारा गया, उसमें कांग्रेस, समाजवादी, टीएमसी और डीएमके सभी इस पाप में भागीदार हैं। आप अपनी तरफ से कुछ भी कहें, लेकिन सीलिंग तोड़ने का जो मौका था, उसे कांग्रेस ने गंवा दिया। आज लोकसभा में 543 में से केवल 74 महिला सांसद हैं, जो 13.6% है। यदि यह विधेयक पास हो जाता, तो कुल सीटों की संख्या 850 होती और महिलाओं की संख्या 273 होती। यह पाप कांग्रेस के सिर पर है।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार मध्य प्रदेश की बहनों के साथ भी अन्याय हुआ है। आज हम यह विषय इसलिए लेकर आए हैं कि 29 लोकसभा सीटों में केवल 6 महिलाएं सांसद हैं, जो बढ़कर 14 हो सकती थीं। अगर महिलाओं के प्रतिनिधित्व को दोगुने से अधिक किया जा रहा है, तो इसमें क्या गलत है? मध्य प्रदेश विधानसभा में 230 से बढ़कर 345 विधायकों की संख्या हो सकती थी। ऐसे में बहनों के लिए 114 सीटें आरक्षित होतीं, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित वर्गों की महिलाओं को भी अवसर मिलता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी भी समय है, हम सभी मिलकर शासकीय संकल्प का समर्थन करें। यदि आप किंतु-परंतु लगाएंगे, तो यह वही रवैया है जो कांग्रेस हमेशा अपनाती रही है। 80 साल से बहनों के साथ अन्याय किया जा रहा है। आपको समझना चाहिए कि यह गलती हो रही है। एक तो महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी, ऊपर से उस पर अड़ना, यह नहीं चलेगा।

उन्होंने कहा कि विपक्ष विशेष सत्र पर सवाल उठा रहा है, लेकिन यह सत्र उनके लिए असहज होने वाला है। प्रदेशभर की बहनें आपके व्यवहार को ध्यान से देख रही हैं और समय आने पर जवाब देंगी। देश की आधी आबादी के अधिकारों पर राजनीति करना और स्वार्थ के चलते दीवार खड़ी करना उचित नहीं है। क्या ऐसे में सदन मौन रहे? इस मुद्दे पर आवाज उठाने का काम हमारी सरकार और पार्टी ने किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से दलगत, वोट और तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसे बाबा महाकाल भी माफ नहीं करेंगे।

लेखक के बारे में

Tarunmitra Picture

‘तरुणमित्र’ श्रम ही आधार, सिर्फ खबरों से सरोकार। के तर्ज पर प्रकाशित होने वाला ऐसा समचाार पत्र है जो वर्ष 1978 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जैसे सुविधाविहीन शहर से स्व0 समूह सम्पादक कैलाशनाथ के श्रम के बदौलत प्रकाशित होकर आज पांच प्रदेश (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखण्ड) तक अपनी पहुंच बना चुका है। 

नवीनतम

जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

अंबेडकरनगर।जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने 14 जून, 2026 को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित प्रवक्ता राजकीय इण्टर कॉलेज...
उत्तर प्रदेश 
जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

नवनियुक्त जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में अटल भवन में हुई प्रथम बैठक

अंबेडकर नगर ।भाजपा जिला कार्यालय अटल भवन में रविवार को नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दिलीप पटेल देव की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधि,जिला पदाधिकारियों,...
उत्तर प्रदेश 
नवनियुक्त जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में अटल भवन में हुई प्रथम बैठक

केंद्र सरकार के बारह वर्ष की बताईं उपलब्धियाँ

अंबेडकर नगर।केंद्र सरकार के सेवा सुशासन विश्वास और जन कल्याण के 12 वर्ष पूरे होने पर जनपद प्रभारी मंत्री/कैबिनेट मंत्री...
उत्तर प्रदेश 
केंद्र सरकार के बारह वर्ष की बताईं उपलब्धियाँ

ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में टॉप-20 में पहुंची Jio, ऐसा करने वाली अकेली भारतीय टेक कंपनी

नई दिल्ली। ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में जियो ने बड़ी छलांग लगाई है। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन यानी WIPO की ताजा...
अंतर्राष्ट्रीय  टेक-मित्र 
ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में टॉप-20 में पहुंची Jio, ऐसा करने वाली अकेली भारतीय टेक कंपनी

मौसम 15 जून: 21 घंटे के अंदर 17 राज्यों में भारी बारिश-तूफान का अलर्ट

नई दिल्ली। मौसम 15 जून 2026: मौसम विभाग ने बारिश तूफान को लेकर एक बार फिर से नया अलर्ट जारी...
राष्ट्रीय 
मौसम 15 जून: 21 घंटे के अंदर 17 राज्यों में भारी बारिश-तूफान का अलर्ट

उत्तर प्रदेश

जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

अंबेडकरनगर।जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने 14 जून, 2026 को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित प्रवक्ता राजकीय इण्टर कॉलेज...
उत्तर प्रदेश 
जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

नवनियुक्त जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में अटल भवन में हुई प्रथम बैठक

अंबेडकर नगर ।भाजपा जिला कार्यालय अटल भवन में रविवार को नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दिलीप पटेल देव की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधि,जिला पदाधिकारियों,...
उत्तर प्रदेश 
नवनियुक्त जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में अटल भवन में हुई प्रथम बैठक

केंद्र सरकार के बारह वर्ष की बताईं उपलब्धियाँ

अंबेडकर नगर।केंद्र सरकार के सेवा सुशासन विश्वास और जन कल्याण के 12 वर्ष पूरे होने पर जनपद प्रभारी मंत्री/कैबिनेट मंत्री...
उत्तर प्रदेश 
केंद्र सरकार के बारह वर्ष की बताईं उपलब्धियाँ

इरफान अहमद अंसारी द्वारा संपादित कहानी संग्रह मंज़िल से दूर का विमोचन 

साहित्यिक संस्था इदराक एवं नज़र मेमोरियल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन 
उत्तर प्रदेश 
इरफान अहमद अंसारी द्वारा संपादित कहानी संग्रह मंज़िल से दूर का विमोचन