वेल्डुर्थी गुड्स शेड ने पिग आयरन की पहली कंटेनर रेक लोड की
गोरखपुर। हैदराबाद डिवीजन के वेल्डुर्थी गुड्स शेड को 10 जून 2026 को 'एक्सक्लूसिव कंटेनर रेल टर्मिनल' के तौर पर नोटिफाई किया गया। यह भारतीय रेलवे की उस पॉलिसी पहल का हिस्सा है जिसका मकसद रेलवे के अपने गुड्स शेड के ज़रिए कंटेनर वाले माल की ढुलाई को बढ़ावा देना है। हैदराबाद डिवीजन में यह पहला गुड्स शेड है जिसे 'एक्सक्लूसिव कंटेनर रेल टर्मिनल' के तौर पर नोटिफाई किया गया है। यह मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को बढ़ाने और कंटेनर ट्रैफिक के नए ज़रीये लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
साउथ सेंट्रल रेलवे के वेल्डुर्थी गुड्स शेड ने 25 जून 2026 को अपनी पहली कंटेनर रेक को सफलतापूर्वक लोड करके एक अहम उपलब्धि हासिल की।
ये खबर भी पढ़े : पुलिस अधीक्षक द्वारा शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुनकर त्वरित निस्तारण हेतु दिए गए आवश्यक निर्देशइस रेक को कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया ने नॉर्दर्न रेलवे के फिरोज़पुर डिवीजन में मौजूद इनलैंड कंटेनर डिपो, फिल्लौर भेजा, ताकि स्टील इंडस्ट्री की ज़रूरतों को पूरा किया जा सके।
इस रेक में 2,760 टन पिग आयरन था, जो वेल्डुर्थी गुड्स शेड से एक नए सामान की ढुलाई की शुरुआत थी। खास बात यह है कि वेल्डुर्थी, रीऑर्गनाइज़्ड साउथ सेंट्रल रेलवे ज़ोन का पहला और एकमात्र ऐसा गुड्स शेड बन गया है जिसने कंटेनरों में पिग आयरन लोड किया है।
इस ढुलाई से अनुमानित ₹59 लाख का फ्रेट रेवेन्यू (माल ढुलाई से कमाई) हुआ। यह इस गुड्स शेड की ज़्यादा कीमत वाले माल के ट्रैफिक को आकर्षित करने और अपने सामानों की रेंज को बढ़ाने की बढ़ती क्षमता को दिखाता है। कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया ने नए नोटिफाई किए गए 'एक्सक्लूसिव कंटेनर रेल टर्मिनल' से हर महीने तीन कंटेनर रेक लोड करने का वादा किया है।
साउथ सेंट्रल रेलवे ग्राहकों पर केंद्रित पहलों और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के ज़रिए माल ढुलाई सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे माल की लोडिंग और रेवेन्यू बढ़ाने में मदद मिलती है।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 33 वर्षों का अनुभव रखने वाले संजय श्रीवास्तव वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के गोरखपुर ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय और प्रशासनिक मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग के साथ वह निरंतर समाचार कवरेज करते हैं।
