नासिक को ‘बादल फटने’ की तबाही से बचाने वाला BharatFS AI सिस्टम का अलर्ट
नई दिल्ली। महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है जिसने BharatFS आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम को अपनाया है। इसकी मदद से राज्य को बारिश का सटीक अनुमान स्थानीय स्तर पर मिला। नासिक में अत्यधिक बारिश के चेतावनी के बाद तैयारियां करने के लिए 24 घंटे से भी ज्यादा का समय इस सिस्टम की वजह से मिल पाया। इसकी मदद से मौसम का अनुमान बहुत तेजी से लगा सकते हैं और अनुमान को बार-बार अपडेट किया जाता है।
मुंबई समेत महाराष्ट्र के तमाम इलाकों में भारी बारिश से नुकसान हुआ है। यह और अधिक हो सकता था अगर BharatFS AI सिस्टम नहीं होता। हमने खबरों में अबतक यही पढ़ा है कि महाराष्ट्र के बड़े शहर बारिश नहीं झेल पाए, लेकिन राज्य सरकार ने काफी हद तक तकनीक का उपयोग करके इस मौसमी आपदा के असर को कम किया है। जिस BharatFS सिस्टम के उपयोग की बात कही जा रही है, उसका पूरा नाम 'भारत फोरकास्ट सिस्टम' है जो देश का नेक्स्ट जेनरेशन हाई-रेजॉलूशन मौसम पूर्वानुमान प्लेटफॉर्म है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, BharatFS AI सिस्टम को देश के हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटरों- 'अर्क' (Arka - IITM पुणे में) और 'अरुणिका' (Arunika - NCMRWF, नोएडा में) की मदद से चलाया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, इसकी मदद से मौसम का अनुमान बहुत तेजी से लगा सकते हैं और अनुमान को बार-बार अपडेट किया जाता है।
BharatFS AI सिस्टम ने कैसे की महाराष्ट्र की मदद?
जानकारी के अनुसार, इस एआई सिस्टम ने महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन सिस्टम को सटीक और लोकल लेवल पर बरसात से जुड़ी चेतावनी एडवांस में दी। इसी सिस्टम ने अपनी चेतावनी में बताया कि नासिक जिले में बादल फटने जैसी अत्यधिक बारिश की आशंका है।
कहा जाता है कि बारिश शुरू होने से पहले ही स्थानीय प्रशासन जरूरी प्रोटोकॉल लागू कर चुका था। रिपोर्ट के अनुसार, BharatFS AI सिस्टम ने बड़ा उदाहरण पेश किया है कि कैसे एआई बेस्ड मौसम इंटेलिजेंस, एडवांस न्यूमेरिकल वेदर प्रेडिक्शन और हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग साथ में मिलकर संकट आने से पहले तैयारी करने में मददगार हो सकते हैं।
BharatFS की खास बातें
इस सिस्टम को IITM पुणे ने डेवलप किया है। यह मौसम की जानकारी जुटाने के लिए एआई असिस्टेड डिसीजन-सपोर्ट सिस्टम और सुपरकंप्यूटरों की मदद लेता है।
रिपोर्ट के अनुसार, पुराने फोरकास्टिंग मॉडल 12 किलोमीटर के एरिया में मौसमी गतिविधियों का अनुमान लगाते थे।
यह सिस्टम 6 किलोमीटर के एरिया में होने वाली मौसमी घटनाओं को बारीकी से समझ सकता है।
यह बहुत कम एरिया में होने वाली घटनाओं जैसे- बादल फटना, फ्लैश फ्लड यानी बहुत अधिक बाढ़, भूस्खलन आदि का अनुमान लगा सकता है। (REF. )
मई में आया, जुलाई में असर दिखाया
BharatFS सिस्टम को अपनाने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है। मई महीने में ही इसे राज्य के आपदा प्रबंधन सिस्टम में शामिल किया गया था। जुलाई में इस सिस्टम ने अपनी उपयोगिता को साबित किया। रिपोर्ट के अनुसार, इस एआई सिस्टम से जो भी मौसमी जानकारी मिलती है, वह रियल टाइम में ग्राउंड पर मौजूद अधिकारियों तक पहुंचाई जाती है। मौसम के पूर्वानुमान हर तीन घंटे में अपडेट किए जाते हैं।
BharatFS इसलिए खास है क्योंकि बादल फटने जैसी घटनाओं की भविष्यवाणी करना दुनिया के सबसे कठिन कामों में एक है। इसकी वजह है कि ऐसी घटनाएं छोटे एरिया में होती हैं। पारंपरिक सिस्टम पूरे जिले में भारी बारिश की चेतावनी देते हैं, लेकिन सटीक एरिया नहीं बता पाते कि कहां सबसे अधिक बारिश होगी। भारतएफएस एआई सिस्टम ने इस काम को पूरा किया है।
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