आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व लिपिक के ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी
28 करोड़ की संपत्ति का दावा
अयोध्या सेक्टर की टीम ने गोंडा और लखनऊ में तीन स्थानों पर की सर्च, 763.65 प्रतिशत अनानुपातिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, अयोध्या सेक्टर ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तत्कालीन लिपिक अजय कुमार श्रीवास्तव से जुड़े गोंडा और लखनऊ स्थित तीन ठिकानों पर बुधवार को सर्च की कार्रवाई की। विजिलेंस के अनुसार जांच के दौरान आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर भारी मात्रा में चल-अचल संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। विभाग ने कुल अनानुपातिक संपत्ति करीब 28 करोड़ रुपये होने का दावा किया है।
अजय कुमार श्रीवास्तव मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, बलरामपुर में लिपिक के पद पर तैनात रहे हैं। वह मूल रूप से पयागपुर, बहराइच के रहने वाले हैं। विजिलेंस के मुताबिक खुली जांच के बाद उनकी ज्ञात आय के मुकाबले 763.65 प्रतिशत अनानुपातिक संपत्ति अर्जित किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
विजिलेंस के अनुसार मामले की विवेचना अयोध्या सेक्टर द्वारा की जा रही है। विवेचना के दौरान भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय, अयोध्या से सर्च वारंट प्राप्त किया गया। इसके बाद 19 अगस्त को तीन अलग-अलग टीमों का गठन कर गोंडा और लखनऊ के तीन स्थानों पर सर्च की कार्रवाई की गई।
इन तीन स्थानों पर हुई सर्च
विजिलेंस टीम ने गोंडा के जानकीनगर स्थित आवास संख्या सीएन-33, लखनऊ के गणेशपुर-रहमानपुर में मटियारी तिराहे के पास स्थित मिलेनिया रिजेन्सी होटल और पटेलनगर, सेक्टर-8, इंदिरानगर स्थित मकान संख्या 631/2 में सर्च की।
विभाग के अनुसार सर्च के दौरान आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई कई अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मिले। इनमें गोंडा में जमीन के अलावा लखनऊ के गणेशपुर, रहमानपुर और इस्माइलगंज क्षेत्र में कई भूखंड शामिल हैं। इन अचल संपत्तियों का कुल मूल्य करीब तीन करोड़ रुपये आंका गया है।
कई जिलों में कृषि भूमि होने का दावा
जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी और उसके परिवार से संबंधित कृषि भूमि भी मिली है। इनमें बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती में स्थित जमीन शामिल है। विजिलेंस ने इन संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी सर्च के दौरान मिलने की बात कही है।
मिलेनिया रिजेन्सी होटल में करोड़ों का निवेश
विजिलेंस के मुताबिक लखनऊ स्थित छह मंजिला मिलेनिया रिजेन्सी होटल में 108 कमरे हैं। होटल की साज-सज्जा और अन्य विलासिता संबंधी वस्तुओं पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा होटल के निर्माण की अनुमानित लागत करीब 15 करोड़ रुपये बताई गई है।
पटेलनगर स्थित तीन मंजिला आवास, जो आरोपी और उसके भाई की पत्नियों के नाम संयुक्त रूप से बताया गया है, में साज-सज्जा और अन्य सामान पर करीब 70 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। भवन निर्माण में करीब दो करोड़ रुपये के व्यय का आकलन किया गया है। इसके अलावा करीब 50 लाख रुपये के अन्य निवेश से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात भी विजिलेंस ने कही है।
इंदिरानगर में निर्माणाधीन इमारत भी मिली
विजिलेंस के अनुसार इंदिरानगर के ए-331 में करीब 4,000 वर्गफीट क्षेत्र में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत भी मिली है। यह संपत्ति आरोपी की पत्नी और उसके भाई की पत्नी के नाम बताई गई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है।जांच के दौरान आरोपी के परिवार के नाम से संचालित विभिन्न कंपनियों से संबंधित जानकारी भी मिलने की बात कही गई है। विजिलेंस के मुताबिक इन कंपनियों से जुड़े मामलों में अलग से कार्रवाई की जा रही है।
गोंडा का मकान किया गया सील
विजिलेंस टीम जब गोंडा स्थित आरोपी के आवास पर पहुंची तो वहां आरोपी या उसके परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। ऐसे में नियमानुसार मकान को सील करने की कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार इस मकान के निर्माण की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये है।विजिलेंस ने बताया कि अब तक की सर्च और विवेचना में आरोपी की चल-अचल संपत्ति तथा विभिन्न निवेशों को मिलाकर कुल अनानुपातिक संपत्ति करीब 28 करोड़ रुपये पाई गई है। मामले में संपत्तियों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच जारी है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
