बारिश में बह गई 10 दिन पहले बनी अस्थाई पुलिया, ग्रामीणों का शहर से संपर्क टूटा
ओवरलोड राख परिवहन से सड़क की स्थिति बेहद खराब
अनपरा सोनभद्र। अनपरा नगर क्षेत्र के ग्रामीणों को शहर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग लगातार बारिश के कारण एक बार फिर बाधित हो गया है। रविवार की देर रात से हो रही तेज ़बारिश के चलते औड़ी से कुबरी जाने वाले मार्ग पर रेलवे पुल के पास बरसाती नाले के ऊपर करीब 10 दिन पहले बनाई गई अस्थाई पुलिया पानी के तेज बहाव में बह गई। पुलिया के बह जाने से ग्रामीणों और वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बताया गया कि अनपरा क्षेत्र में रविवार की रात करीब दो बजे से लगातार बारिश होती रही। बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसी दौरान रेलवे पुल के पास बरसाती नाले में पानी का तेज बहाव आ गया, जिसकी चपेट में अस्थाई पुलिया आ गई। पानी का दबाव बढ़ने से पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बह गई।
पुलिया के टूट जाने के कारण संपर्क मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण नौकरी, मजदूरी, पढ़ाई, बाजार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए अनपरा शहर आते-जाते हैं।पुरानी पुलिया भी पहले से जर्जर हालत में है। ऐसे में कुछ हल्के वाहन, दोपहिया वाहन, साइकिल सवार और पैदल राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर किसी तरह रास्ता पार करते नजर आए। भारी वाहनों को दूसरे रास्ते से होकर जाना पड़ रहा है। सुरश्याम, प्यारेलाल, रामभजन, मन्नु बैगा, गोविंद, नरेशलाल सहित अन्य लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिया का निर्माण मजबूती से कराया जाता तो इतनी जल्दी नहीं बहती। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द स्थायी पुलिया बनाकर मार्ग को चालू कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार राणहोर, जोगिंद्रा, मिर्चाधुरी, कुबरी, पड़रवा, बेनादह और कुलडोमरी सहित कई गांवों को अनपरा शहर से जोड़ने के लिए वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 12 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया गया था। इस सड़क को करीब 10 टन क्षमता के अनुसार बनाया गया था और इसके निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। सड़क बनने के बाद आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों को काफी सुविधा मिली। गांव के युवाओं को रोजगार और पढ़ाई के लिए शहर पहुंचना आसान हो गया। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और डायल-112 जैसी जरूरी सेवाओं की पहुंच भी आसान हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क और पुलियों की मरम्मत कराई गई होती तो बारिश के दौरान ऐसी स्थिति नहीं बनती। वर्तमान में पुलिया बह जाने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उक्त पुलिया 10 दिन पहले बनाई गई थी। अस्थाई पुलिया ग्रामीणों के मुताबिक रेलवे पुल के पास पहले से बनी पुलिया की दीवार करीब 15 दिन पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए विभाग से मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग की थी। ग्रामीणों के विरोध के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब 10 दिन पहले यहां अस्थाई पुलिया बनाई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में पर्याप्त मजबूती और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। यही वजह रही कि रविवार की रात हुई लगातार बारिश में पानी के तेज बहाव को यह पुलिया नहीं झेल सकी और पूरी तरह बह गई।
संपर्क मार्ग बाधित होने के कारण भारी वाहनों को लोझरा की ओर से घूमकर जाना पड़ रहा है। इससे वाहनों को करीब सात किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। वाहन चालकों का कहना है कि इससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि मौके पर तत्काल टीम भेजकर रास्ते का निरीक्षण कराया जाए और मजबूत स्थायी पुलिया का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क मार्ग लंबे समय तक बंद रहा तो गांवों में रहने वाले लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ेगी।
