जंगल में पेड़ के नीचे मिली नवजात बच्ची, रोने की आवाज सुन ग्रामीणों ने बचाई जान
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के तलरे जंगल में शुक्रवार सुबह मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। जंगल में एक पेड़ के नीचे कपड़े में लिपटी नवजात बालिका मिली। रोने की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और पुलिस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
सेमरी गांव निवासी अर्जुन शुक्रवार तड़के करीब 4:30 बजे जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान उन्हें किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में पहुंचने पर उन्होंने देखा कि राजगढ़-चुनार मार्ग से लगभग 50 मीटर दूर इंदिरा नगर तलरे गांव के जंगल में एक पेड़ के नीचे लाल रंग के पेटीकोट में लिपटी नवजात बच्ची पड़ी हुई है। यह दृश्य देखकर अर्जुन ने तत्काल ग्रामीणों को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों के सहयोग से नवजात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ पहुंचाया गया। सीएचसी राजगढ़ के चिकित्सक डॉ. सर्वेश पांडेय ने बताया कि नवजात बालिका लगभग दो से तीन दिन की प्रतीत होती है। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और चिकित्सकीय निगरानी में रखी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर नवजात को जंगल में कौन और किन परिस्थितियों में छोड़ गया। वहीं आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची को चाइल्ड केयर सेंटर भेजा जाएगा।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
