विवादित ढांचे में जलाभिषेक करने पहुंची लाखन आर्मी, बैरिकेडिंग से रोक
माल थाना इलाके के कसमण्डी में मौजूद है विवादित ढांचा
- तीन थानों की पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका
लखनऊ। सोमवार सावन के पहले दिन कसमंडी कलां गांव के शिव मंदिर में लाखन आर्मी के लोग दोपहर करीब 12:30 बजे जलाभिषेक करने पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें गांव में मंदिर से कुछ दूर पहले बैरिकेडिंग करके रोक लिया। तीन थानों की पुलिस के साथ पीएसी और आलाधिकारी मुस्तैद थे। काफी देर तक लाखन आर्मी के लोगों और पुलिस के बीच बातचीत होती रही। बाद में पुलिस की बात मानकर लाखन आर्मी चीफ सूरज पासी अपने समर्थकों के साथ लौट गए। बता दें कि पुराने शिव मंदिर के पास ही कुछ साल पहले एक मस्जिद बना दी गई, जिसके बाद से विवाद हो रहा है।
लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने पहले सोमवार पर जलाभिषेक और 108 गांवों की पवित्र मिट्टी अर्पित करने का ऐलान किया था। इससे पहले वह रविवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से इसके लिए अनुमति मांग चुके हैं। रविवार से ही पुलिस ने मंदिर के बाहर बैरिकेडिंग कर गश्त बढ़ा दी थी। मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के कसमंडी कला गांव में एक किला जैसा पुराना ढांचा है।
ये खबर भी पढ़े : मानसून सत्र : एमएलए आलमबदी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के बाद विधान सभा कल तक स्थगित.png)
गांव वालों के अनुसार, यहां करीब 4 साल पहले जमील अहमद उर्फ जॉनी नाम का मौलाना आया। उसने ढांचे के बगल में ही मस्जिद बना ली और मदरसा चलाने लगा। इतना ही नहीं, उसने किले वाले ढांचे का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया। किला वाले ढांचे को लोग ऐतिहासिक कंसा पासी का किला बता रहे हैं। कंसा पासी के नाम पर ही गांव का नाम कसमंडी पड़ा था। गांववालों के मुताबिक, मौलाना की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो पासी समाज के लोगों ने उसका विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद मौलाना यहां से 21 मई को भाग गया।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
