काकभुशुण्डि ने गरुड़ को राम कथा सुनाया: स्वामी मुक्तिनाथानंद
— भगवान राम की माया और उनकी लीलाएं असीम हैं:स्वामी
लखनऊ। रामकथा भारतीय संस्कृति और भक्ति परंपरा का अमूल्य खजाना है। यह केवल भगवान श्रीराम के जीवन का वर्णन नहीं करती,बल्कि मनुष्य को धर्म,भक्ति,ज्ञान और जीवन के गहरे रहस्यों का बोध भी कराती है। ये बातें रामकृष्ण मठ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानंद ने कही। उन्होंने बताया काकभुशुण्डि और गरुड़ का संवाद इसी आध्यात्मिक परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रसंग है,जो यह सिखाता है कि भगवान की लीलाओं को केवल तर्क से नहीं,बल्कि श्रद्धा और भक्ति से समझा जा सकता है। स्वामी ने बताया कि इस कथा की शुरुआत भगवान श्री राम के अवतार को लेकर उत्पन्न संदेह से होती है। कई लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है कि यदि श्रीराम स्वयं भगवान हैं,तो उन्होंने एक साधारण मनुष्य की तरह जीवन क्यों जिया और अनेक कठिनाइयों का सामना क्यों किया। इसी प्रकार के संदेह को दूर करने के लिए काकभुशुण्डि की कथा का वर्णन किया जाता है, जिससे भक्तों को भगवान की दिव्य लीला का वास्तविक अर्थ समझने का अवसर मिलता है।रामचरितमानस के अनुसार,लंका युद्ध के समय मेघनाद ने श्रीराम को नागपाश से बांध दिया था।
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