सदर एसडीएम बने ज्ञान प्रताप सिंह, संभाली जिम्मेदारी,सख्त संदेश—लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

Published By Sanjay srivastava
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बोले,अपील वाली फाइलें 2 दिन में अपर एसडीएम कोर्ट भेजी जाएंगी

गोरखपुर। जनपद में प्रशासनिक फेरबदल के बीच 2024 बैच के पीसीएस अधिकारी ज्ञान प्रताप सिंह ने सदर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) का पदभार ग्रहण कर लिया है। अब तक वह सदर तहसीलदार के रूप में कार्य करते हुए एसडीएम सदर का अतिरिक्त प्रभार भी देख रहे थे। उनके बेहतर कार्यों और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने उन्हें सदर एसडीएम का दायित्व सौंपा है।

पदभार ग्रहण करने के बाद ज्ञान प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि तहसीलदार एवं तहसीलदार न्यायिक न्यायालय से आदेशित फाइलों में यदि एसडीएम न्यायालय में अपील दायर होती है, तो ऐसी सभी फाइलों को अधिकतम दो दिनों के भीतर अपर एसडीएम न्यायालय में भेज दिया जाएगा, ताकि मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
ज्ञान प्रताप सिंह जुलाई 2024 में गोरखपुर में तहसीलदार के पद पर तैनात हुए थे। उन्होंने कैम्पियरगंज तहसील से अपनी सेवाएं शुरू कीं और बाद में सदर तहसील का कार्यभार संभाला। करीब एक वर्ष से अधिक समय तक सदर तहसीलदार रहते हुए उन्होंने राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्ध निस्तारण और जनसुनवाई में सक्रियता के लिए पहचान बनाई।
शासन द्वारा 30 जून 2025 को उन्हें पदोन्नत कर उप जिलाधिकारी बनाया गया था और अयोध्या जनपद में तैनाती दी गई थी, लेकिन उनके अनुभव और जिले में चल रही महत्वपूर्ण योजनाओं को देखते हुए उन्हें गोरखपुर में ही बनाए रखा गया। पदोन्नति के बाद भी उन्होंने सदर तहसील का कार्यभार संभालते हुए प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।
प्रशासनिक हलकों में ज्ञान प्रताप सिंह की कार्यशैली को जमीनी स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए जाना जाता है। आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनका शीघ्र समाधान कराने के कारण उनकी सकारात्मक छवि बनी हुई है।
सदर एसडीएम के रूप में उनके कार्यकाल से जिले में चल रही महत्वपूर्ण परियोजनाओं— जैसे विरासत गलियारा, प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्यों— को गति मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि वह अपनी नई जिम्मेदारी में प्रशासनिक अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं।
 
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पहले ही दिन फरियादियों की सुनी समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

गोरखपुर,कार्यभार संभालते ही नवागत सदर एसडीएम ने  स्पष्ट संदेश देते हुए जनसुनवाई को प्राथमिकता दी और कार्यालय पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को बारी-बारी से गंभीरता पूर्वक सुना। पहले ही दिन उनकी सक्रियता और संवेदनशीलता से फरियादियों में उम्मीद जगी।
एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता हर फरियादी की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी व्यक्ति को एक ही समस्या के लिए बार-बार कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों—नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल तथा पटल प्रभारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी फाइल एक दिन से अधिक लंबित नहीं रखी जाएगी और सभी मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। विशेष रूप से किसानों और आम जनता से जुड़े मामलों को तत्काल हल करने पर जोर दिया गया।
एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले क्या होता था, इससे उन्हें कोई सरोकार नहीं है। अब उनका पूरा ध्यान वर्तमान व्यवस्था को सुधारने और जनता को बेहतर सेवा देने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी फरियादी को बेवजह तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और हर समस्या का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
उन्होंने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने पटल पर नियमित रूप से बैठकर जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें और सौंपे गए दायित्वों का पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करें। लापरवाही या अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह की इस पहल से तहसील में कार्यसंस्कृति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। फरियादियों ने भी उनकी सक्रियता और संवेदनशील रवैये की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि अब उनकी समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा। प्रशासन की इस नई पहल से सदर तहसील में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की संभावना है।

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लेखक के बारे में

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पत्रकारिता में 33 वर्षों का अनुभव रखने वाले संजय श्रीवास्तव वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के गोरखपुर ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय और प्रशासनिक मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग के साथ वह निरंतर समाचार कवरेज करते हैं।

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