सीएसजेएमयू में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर गौरव गाथा का विमोचन
कानपुर । हिंदी पत्रकारिता ने अपने 200 वर्षों के सफर में कभी भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया। इसने हमेशा शोषित और वंचित वर्ग की आवाज बनने तथा सत्ता से सवाल पूछने का साहस दिखाया है। आज विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पत्रकारिता की भूमिका और अधिक जिम्मेदारी भरी हो गई है। पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास और उसके मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। यह बातें शनिवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सीएसजेएमयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा तैयार की गई स्मारिका ‘हिंदी पत्रकारिता के गौरवमयी 200 साल की गौरव गाथा (1826-2026)’ का सेंटर फॉर अकादमिक में विमोचन किया गया। स्मारिका का विमोचन कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने किया।
स्मारिका हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास, सामाजिक योगदान और भविष्य की चुनौतियों पर केंद्रित है। इसमें आजादी के आंदोलन से लेकर डिजिटल राष्ट्रवाद और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर तक पत्रकारिता के बदलते स्वरूप का विश्लेषण किया गया है। प्रथम भाग में देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों और पत्रकारों के 29 लेख प्रकाशित किए गए हैं।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. पाठक ने कहा कि 30 मई 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित ‘उदंत मार्तंड’ से शुरू हुई हिंदी पत्रकारिता की यात्रा आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह स्मारिका विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ साबित होगी।
कार्यक्रम में बताया गया कि राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्मारिका के लिए शुभकामना संदेश भेजे हैं।
स्मारिका का संपादन विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने किया है। संपादक मंडल में डॉ. ओमशंकर गुप्ता, डॉ. योगेंद्र पांडे, डॉ. जितेंद्र डबराल, डॉ. रश्मि गौतम और डॉ. हरिओम कुमार शामिल रहे। पेज लेआउट, ग्राफिक डिजाइनिंग, प्रूफरीडिंग और तकनीकी कार्य में सागर कनौजिया, हिमांशु मौर्य और प्रांजल सचान ने योगदान दिया।
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लेखक के बारे में
सुधा जायसवाल ने मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता (MJMC) में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और पत्रकारिता क्षेत्र में 12 वर्षों से सक्रिय हैं। वह अमर उजाला, स्वतंत्र भारत, जनसंदेश टाइम्स और तरुण मित्र जैसे संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। राजनीतिक, शिक्षा और नगर निगम सहित विभिन्न बीट्स पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाली सुधा वर्तमान में तरुण मित्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं।
