कलक्ट्रेट गेट पर चार महिलाओं ने किया आत्मदाह का प्रयास
पेट्रोल छिड़कते ही दौड़े सुरक्षाकर्मी
बरेली। कैंट क्षेत्र में करीब 200 गज के प्लॉट पर कथित कब्जे और लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज एक परिवार की चार महिलाओं ने बुधवार सुबह कलक्ट्रेट गेट पर आत्मदाह का प्रयास किया। महिलाओं ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। यह देखकर वहां तैनात सुरक्षाकर्मी तत्काल सक्रिय हो गए और महिलाओं के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली। समय रहते उठाए गए कदम से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद चारों महिलाओं को जिला अस्पताल भेजा गया। मामले में जमीन पर कब्जे और पुलिस की भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है।
दो महीने से प्लॉट पर कब्जे का आरोप
मानपुर चिकटिया निवासी गौरव के अनुसार, कैंट क्षेत्र में उनके परिवार का करीब 200 गज का प्लॉट है। आरोप है कि पड़ोसी राजवीर ने करीब दो महीने से प्लॉट पर कब्जा कर रखा है। वहां निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। परिवार की ओर से इसका लगातार विरोध किया जा रहा है।
गौरव का आरोप है कि मंगलवार सुबह परिवार की महिलाएं निर्माण कार्य रुकवाने के लिए प्लॉट पर पहुंची थीं। उस समय कैंट थाने के हल्का प्रभारी दरोगा राकेश भी मौके पर मौजूद थे। महिलाओं ने निर्माण कार्य रोकने की मांग की। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें वहां से हटा दिया गया।
अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं होने का दावा
परिवार के मुताबिक, प्लॉट से संबंधित विवाद को लेकर पुलिस अधिकारियों के साथ ही जिलाधिकारी और सदर एसडीएम से कई बार शिकायत की गई। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विवाद का समाधान नहीं हुआ। लगातार कार्रवाई न होने से परिवार की महिलाएं काफी आक्रोशित थीं।
पेट्रोल छिड़कते ही सुरक्षाकर्मियों ने संभाला मोर्चा
बुधवार सुबह गौरव की चाची कमलेश, ताई मुन्नी और बहन रोशनी व विमलेश परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचीं। महिलाओं ने पुलिस-प्रशासन पर शिकायत की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान उन्होंने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया।
कलक्ट्रेट गेट पर तैनात होमगार्ड संदीप शर्मा और अन्य सुरक्षाकर्मियों की नजर महिलाओं पर पड़ी तो वे तुरंत उनकी ओर दौड़े। सुरक्षाकर्मियों ने महिलाओं के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली और उन्हें आग लगाने से रोक दिया। घटना के चलते कलक्ट्रेट गेट पर कुछ देर तक अफरातफरी की स्थिति रही।
डीएम तक पहुंची सूचना, चारों महिलाओं को अस्पताल भेजा
घटना के समय इंटेलिजेंस के दरोगा ओमपाल सिंह भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। प्रशासन की ओर से महिलाओं को उनकी शिकायत का जल्द निस्तारण कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद कमलेश, मुन्नी, रोशनी और विमलेश को जिला अस्पताल भेजा गया।
डीएम अविनाश सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्हाेंने कहा कि प्रशासन की ओर से जमीन पर कथित कब्जे, निर्माण कार्य, मौके पर पुलिसकर्मी की मौजूदगी और मारपीट के आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
