लखनऊ मंडल के प्राचीन धरोहरों का होगा कायाकल्प
लखनऊ। लखनऊ के मंडल के प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों, आस्था के स्थलों तथा अन्य संस्थानों के जीर्णोद्वार एवं सौंदर्यीकरण के लिए 59 प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इन प्रस्तावों पर नवंबर तक धरातल पर उतारने की कोशिश जारी है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ मंडल में स्थित मंदिरों एवं अन्य संस्थानों में बुनियादी सुविधाएं सुलभ करायी जाएगी। इसमें लखनऊ के प्राचीन बुद्धेश्वर महादेव मंदिरों , नाकाहिंडोला, गुरूद्वारे , प्राचीन भुईयन देवी मंदिर का सौदर्यीकरण, चंदनगर आलमबाग में सनातन धर्म मंदिर , उनई देवी मंदिर , मल्लाही टोली के कल्याणगिरी महादेव मंदिर का तथा चित्रगुप्त भवन का पर्यटन विकास शामिल है। इसके अलावा राजाजीपुरम स्थित शीतलादेवी मंदिर, लखनऊ अलीगंज हनुमान मंदिर, काकोरी शहीद स्थल, गंगाप्रसाद मेमोरियल हॉल का संरक्षण किया जायेगा। इसी प्रकार लखीमपुर खीरी के राजा बेनीताल, बिजुआ का पौराणिक मंदिर बाबा भूतनाथ मंदिर, तुरन्तनाथ बाबा मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर जंगलियानाथ बाबा, बाबा भुरिया नाथ धाम का पर्यटन विकास, सीतापुर स्थित नैमिषारण्य धाम में पर्यटन सुविधा केन्द्र का निर्माण, परंपरा पर्यटन एवं संस्कृति का वन स्टाप सेंटर, रायबरेली के चंपा देवी मंदिर, महाराज माहे पासी किले का पर्यटन विकास शामिल है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ऊंचाहार के प्राचीन विष्णु मंदिर, देवी जंगली मैय्या तथा हरदोई का प्राचीन महर्षि दधिचि मंदिर, शाहबाद स्थित बाबा वनखंडी मंदिर, संडीला के चौमुखी मंदिर, जनपद उन्नाव स्थित बुद्ध अम्बेडकर पार्क का पर्यटन विकास, मोहान स्थित जमदग्नि आश्रम परशुराम मंदिर, का पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण कराया जायेगा।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
