ट्रांसजेंडर संशोधन कानून पर अलग-अलग हाई कोर्ट में नहीं होगी सुनवाई, लगी रोक
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकार से संबंधित कानून में संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को उच्चतम न्यायालय में ट्रांसफर करने की मांग पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने विभिन्न उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की सुनवाई पर रोक लगा दी है।
याचिका केंद्र सरकार ने दायर की है। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्रीय कानून को विभिन्न उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है इसलिए इन याचिकाओं को उच्चतम न्यायालय में ट्रांसफर किया जाए। उसके बाद कोर्ट ने विभिन्न उच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं के याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
ये खबर भी पढ़े : होमगार्ड भर्ती परीक्षा का पेपर दिलाने का झांसा, टेलीग्राम चैनल चलाने वाला आरोपी गिरफ्तारइस मामले को लेकर विभिन्न उच्च न्यायालय के अलावा उच्चतम न्यायालय में भी याचिका दायर कर ट्रांसजेंडर संशोधन कानून को चुनौती दी है। उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका में कहा गया है कि ट्रांसजेंडर संशोधन कानून ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को संविधान के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस कानून में संशोधन के बाद ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को खुद से अपने जेंडर की पहचान बताने की बजाय सरकार के वेरिफिकेशन और प्रमाणन की जरुरत होगी। जेंडर की पहचान किसी व्यक्ति की गरिमा, स्वायत्तता और निजता का एक अहम पहलू है और इसे किसी चिकित्सकीय या प्रशासनिक स्क्रूटनी का मोहताज बनाकर नहीं रखा जा सकता है।
याचिका में उच्चतम न्यायालय के लीगल सर्विसेज अथॉरिटी बनाम केंद्र सरकार के फैसले के जिक्र किया गया है जिसमें उच्चतम न्यायालय ने स्वप्रमाणित जेंडर की पहचान को संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(ए) और 21 के तहत मौलिक अधिकार माना है। याचिका में कहा गया है कि इस संशोधन के जरिए मौलिक कानून से पीछे हटने का काम किया गया है। ये संशोधन बराबरी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अलावा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का उल्लंघन है। ट्रांसजेंडर की पहचान की प्रमाणन प्रक्रिया से उन्हें मिलने वाले कल्याणकारी लाभों और कानूनी सुरक्षा से वंचित होना पड़ेगा।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
