पलानी मुरुगन मंदिर भूमि घोटाला मामले में सीबी-सीआईडी की चार स्थानों पर छापेमारी
डिंडीगुल। तमिलनाडु के चर्चित पलानी मुरुगन मंदिर भूमि घोटाला मामले में सीबी-सीआईडी ने शनिवार को जांच तेज करते हुए उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) जस्टिन मणिकंदन के आवास सहित चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। डिंडीगुल, पलानी और तिरुनेलवेली में अलग-अलग टीमों ने तलाशी अभियान चलाकर मामले से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। यह कार्रवाई जांच के लगातार तीसरे दिन की गई।
यह मामला पलानी पहाड़ी की तलहटी में स्थित अरुल्मिगु दंडायुधपाणि स्वामी मंदिर की करीब 1.40 एकड़ भूमि से जुड़ा है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि इस बहुमूल्य भूमि का फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध पंजीकरण कराया गया। इन्हीं आरोपों की जांच के तहत सीबी-सीआईडी विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान डिंडीगुल के राउंड रोड स्थित लिंगा एवेन्यू इलाके में उप-पंजीयक जस्टिन मणिकंदन के आवास पर आठ से अधिक अधिकारियों की टीम पहुंची। अधिकारियों ने एक घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की और मामले से जुड़े दस्तावेजों एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच की।
इसी क्रम में पलानी के निकट टी.के.एन. पुदूर क्षेत्र में रहने वाले सेतुपति के फार्महाउस पर भी छापेमारी की गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, सेतुपति उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने कथित रूप से विवादित भूमि खरीदी थी। इसके अलावा पंजीकरण प्रक्रिया में गवाह के रूप में हस्ताक्षर करने वाले बताए जा रहे पलानी नगर पालिका के डीएमके वार्ड सचिव लक्ष्मणन के आवास पर भी तलाशी लेकर उनसे पूछताछ की गई।
वहीं, तिरुनेलवेली टाउन के सालियर स्ट्रीट निवासी षण्मुगसुंदरम के घर पर भी सुबह से तलाशी अभियान चलाया गया। डेकोरेशन व्यवसाय से जुड़े षण्मुगसुंदरम से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी पंजीकरण और धन के लेन-देन में उनकी कोई भूमिका रही है या नहीं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जांच दल ने बैंक खातों का विवरण, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी एकत्र किए हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित भूमि घोटाले में अन्य व्यक्तियों की भी कोई संलिप्तता है या नहीं।
गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार की प्रारंभिक जांच के बाद उप-पंजीयक जस्टिन मणिकंदन को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबी-सीआईडी को सौंप दी। जांच के प्रारंभिक चरण में सीबी-सीआईडी के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अजय थंगम के नेतृत्व में इंस्पेक्टर संताना लक्ष्मी सहित विशेष टीम ने पलानी मंदिर देवस्थानम के मुख्य कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से पूछताछ की थी और संबंधित अभिलेखों की जांच की थी।
इस बीच, उप-पंजीयक जस्टिन मणिकंदन को मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। हालांकि सीबी-सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
