पटना-पुणे एक्सप्रेस से मुस्लिम बच्चों की तस्करी मामले में आठ तस्कर गिरफ्तार

- बिहार के अररिया से महाराष्ट्र के लातूर ले जाए जा रहे 165 बच्चों को मप्र के कटनी में किया गया रेस्क्यू

Published By Shishir Patel
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कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात पटना-पुणे एक्सप्रेस से 165 मुस्लिम बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। इन्हें संदिग्ध हालात में बिहार के अररिया से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। मामले में पुलिस ने सद्दाम हुसैन और अमानुल्लाह समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ बच्चों की तस्करी (बीएनएस की धारा 143) के तहत केस दर्ज किया है।

रेस्क्यू किए गए 165 में से 84 बच्चों को रात में ही दो बसों से जबलपुर के बाल गृह भेज दिया गया था, जबकि 81 बच्चों को कटनी के बाल गृह में रखा गया है। जिला प्रशासन सभी बच्चों के खाने-पीने और स्वास्थ्य की व्यवस्था कर रहा है। सभी का मेडिकल कराया गया है।

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दरअसल, शनिवार देर रात को महिला बाल विकास विभाग और आरपीएफ को सामाजिक संगठन से सूचना मिली कि पटना-पुणे ट्रेन से बड़ी संख्या में 7 से 15 वर्ष के बच्चों को महाराष्ट्र ले जाया रहा है और मानव तस्करी की आशंका है। मामला की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपीएफ, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी और बाल सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। जैसे ही ट्रेन रात में कटनी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहुंची, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल संरक्षण अधिकारियों की टीम ने बोगियों को घेर लिया और सभी 165 बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारकर अपनी निगरानी में लिया। इसके बाद सभी बच्चों की काउंसलिंग की गई।

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कटनी आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने रविवार को बताया कि जानकारी मिली थी कि पटना-पुणे एक्सप्रेस में बड़ी संख्या में बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाया जा रहा है। ट्रेन के कटनी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर पहुंचते ही आरपीएफ, जीआरपी, महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल संरक्षण अधिकारियों की संयुक्त टीम ने उसकी घेराबंदी कर ली। इसके बाद टीम ने बोगियों से सभी 167 बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा। रेस्क्यू किए गए बच्चे ट्रेन के एस-1, एस-2, एस-3, एस-4 और एस-7 कोच में सवार थे। पूछताछ में सामने आया है कि अधिकांश बच्चे बिहार के रहने वाले हैं।

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आरपीएफ थाना प्रभारी ने बताया कि बच्चों के साथ मौजूद सद्दाम नामक व्यक्ति ने बताया कि वह इन बच्चों को बिहार के अररिया से महाराष्ट्र के लातूर स्थित मदरसे ले जा रहा था। उसके साथ 100 बच्चों का ग्रुप है, जबकि बाकी बच्चों को अन्य लोग लेकर जा रहे थे। खुद को लातूर मदरसे का शिक्षक बताने वाले सद्दाम का दावा है कि वह 10 साल से बच्चों को वहां ले जा रहा है। उनके मदरसे में हर विषय की शिक्षा दी जाती है। प्रशासन मामले की सच्चाई और कानूनी दस्तावेजों की जांच की। दिनभर चली जांच के बाद पुलिस ने सद्दाम हुसैन और अमानुल्लाह समेत आठ लोगों के खिलाफ बच्चों की तस्करी का केस दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया है।

बाल सुरक्षा अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि ट्रेन से उतारे गए बच्चों में अधिकांश मुस्लिम समुदाय के हैं। विभाग को इन बच्चों से महाराष्ट्र ले जाकर मजदूरी या अन्य गैर-कानूनी काम कराए जाने की जानकारी मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी बच्चों को आरपीएफ थाने ले जाया गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की गई। बच्चों के पास यात्रा से संबंधित वैध दस्तावेज और पुख्ता टिकट नहीं मिले, जिससे मामला संदिग्ध हो गया।

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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।

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