हाईकोर्ट का आदेश दबाए बैठा रहा राजस्व विभाग, बिक गई 6 बीघे जमीन
खतौनी में स्थगन आदेश दर्ज न होने से विपक्षियों को मिला फायदा, छह बीघा जमीन का सात लोगो को कर दिया बैनामा
सिराज, मोहनलालगंज संवाददाता
- विभाग ने दाखिल-खारिज भी कर दिया
मोहनलालगंज ,लखनऊ । मोहनलालगंज तहसील में राजस्व विभाग की लापरवाही का बड़ा मामला सोमवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस में सामने आया। हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की जानकारी और उसकी प्रति तहसील अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद राजस्व अभिलेखों में आदेश दर्ज नहीं किया गया।
आरोप है कि इसी लापरवाही का फायदा उठाकर विपक्षियों ने सिकंदरपुर अमौलिया में करोड़ों रुपये कीमत की छह बीघा जमीन सात लोगो को बेच दी और राजस्व कर्मियों ने उसका दाखिल-खारिज भी कर दिया। पीड़ित किसान की शिकायत पर एडीएम वित्त एवं राजस्व आर.के. सिंह ने एसडीएम को संबंधित राजस्वकर्मी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
खतौनी में आदेश दर्ज कराने के लिए महीनों लगाता रहा किसान चक्कर...
कुवर बहादुरखेड़ा मजरा सिकंदरपुर अमौलिया निवासी किसान उमेश कुमार ने बताया कि उसकी पैतृक जमीन को उसके दादा के बड़े भाई ने कथित तौर पर धोखे से अपने नाम करा लिया था। वर्ष 2012 में उसने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की, जिस पर न्यायालय ने स्थगन आदेश पारित किया। आदेश की प्रति तहसील अधिकारियों को देकर सभी संबंधित खतौनियों में इसे दर्ज कराने की मांग की गई, लेकिन राजस्व विभाग ने आदेश को अभिलेखों में दर्ज नहीं किया।
पीड़ित के मुताबिक वह आदेश दर्ज कराने के लिए महीनों तक तहसील अधिकारियों और राजस्व कर्मियों के चक्कर लगाता रहा।चार महीने पहले तहसीलदार रितुराज शुक्ला से शिकायत की तो उन्होने रजिस्ट्रार कानूनगो को न्यायालय के आदेश को खतौनियों में दर्ज करने के निर्देश भी दिए, लेकिन इसके बावजूद आदेश दर्ज नहीं किया गया।
आदेश दर्ज न होने का उठाया फायदा, जमीन का बैनामा और दाखिल-खारिज...
पीड़ित किसान का आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में हाईकोर्ट के आदेश का अंकन नहीं होने से विपक्षियों को जमीन बेचने का मौका मिल गया। उन्होंने करोड़ों रुपये कीमत की करीब छह बीघा जमीन सात लोगो को बेच दी। इसके बाद राजस्व कर्मियों ने जमीन का दाखिल-खारिज भी कर दिया।
किसान ने पूरे मामले में प्रधान समेत राजस्व विभाग की भूमिका की जांच और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व आर.के. सिंह ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने के मामले में एसडीएम आकाश सिंह को संबंधित राजस्वकर्मी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
