ग्रो सेफ फूड-“अमानक,अपंजीकृत कीटनाशी रसायनों से सावधान” अभियान 2.0 पर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
श्रावस्ती, 30 जून, (तरुणमित्र)। “ग्रो सेफ़ फूड-अमानक, अपंजीकृत कीटनाशी रसायनों के दुष्प्रभावों के प्रति किसानों एवं कीटनाशी विक्रेताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से उप कृषि निदेशक राम आसरे यादव की अध्यक्षता में जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर, भिनगा में एक दिवसीय जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को सुरक्षित कृषि पद्धतियों, गुणवत्तायुक्त कीटनाशकों के चयन और अमानक रसायनों से होने वाले स्वास्थ्य व पर्यावरणीय नुकसान के बारे में व्यावहारिक जानकारी देना रहा। सुरक्षित भोजन उत्पाद पर बताया कि रासायनिक अवशेष रहित फसल उत्पादन ही भविष्य की आवश्यकता है। “ग्रो सेफ़ फूड” का अर्थ है, कम रसायन, अधिक जैविक नियंत्रण, और उपभोक्ता स्वास्थ्य की सुरक्षा।
अमानक कीटनाशकों की पहचान और उनसे जोखिम के बार में जिला कृषि रक्षा अधिकारी महोदय द्वारा बताया कि बाजार में मिलने वाले नकली, मिलावटी और गैर-पंजीकृत कीटनाशी न केवल फसल को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि मिट्टी, जल और मानव स्वास्थ्य के लिए भी घातक हैं। किसानों को लेबल, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और पंजीकरण संख्या जांचने की सलाह दी गई।कार्यक्रम में जैविक नियंत्रण, फेरोमोन ट्रैप, नीम आधारित उत्पादों और सही छिड़काव तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। किसानों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि कैसे कम लागत में फसल को कीटों से बचाया जा सकता है।कार्यक्रम के अंत में किसानों ने अपनी समस्याएं साझा कीं। प्रशिक्षकों द्वारा मृदा परीक्षण, फसल चक्र और संतुलित उर्वरक उपयोग पर परामर्श भी दिया।
इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षकों की भूमिका में जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए), कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ संजीव कुमार एवं डॉ दोहरे एवं अलबाग कम्पनी के प्रतिनिधि उपस्थिति रहे।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में छह वर्षों का अनुभव रखने वाले धर्मवीर सोनी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के श्रावस्ती ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता में पीजीजेएमसी (PGJMC) की डिग्री प्राप्त की है और क्षेत्रीय मुद्दों पर तथ्यपरक कवरेज कर रहे हैं।
