बच्चों को दी जा रही विधिक सहायता
लखनऊ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लागू चाइल्ड-फ्रेंडली लीगल सर्विसेज फॉर चिल्ड्रेन स्कीम के तहत हर बच्चे को नि:शुल्क, सुलभ, सुरक्षित एवं अनुकूल विधिक सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। ताकि कोई भी बच्चा अपने अधिकारों से वंचित न रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव जीवक कुमार सिंह ने बताया कि यह योजना प्रत्येक 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे के लिए है। इसके अंतर्गत विधि के उल्लंघन का आरोप झेल रहे बालक, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे, बाल श्रम, मानव तस्करी, दुर्व्यवहार, लैंगिक हिंसा, बाल विवाह, दिव्यांग, अनाथ, परित्यक्त, गुमशुदा तथा अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में बच्चों को नि:शुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रशिक्षित पैनल अधिवक्ताओं, लीगल एड डिफेंस काउंसिल पैरा-लीगल वॉलंटियर्स तथा अन्य प्रशिक्षित विधिक कर्मियों के माध्यम से बच्चों को न्यायालयीन कार्यवाही के प्रत्येक चरण में सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही परामर्श, पुनर्वास, मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभागों से समन्वय स्थापित करने की व्यवस्था भी की गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तालुका विधिक सेवा समितियों, फ्रंट आॅफिस, पुलिस थानों, बाल न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति , बाल देखरेख संस्थाओं, जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा पात्र बच्चे को विधिक सहायता दी जा रही है। इसके लिए विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर भी सुविधा उपलब्ध है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
