जॉइंट मैनेजमेंट काउंसिल का गठन किया जाए : संघर्ष समिति
— उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस लेना आवश्यक: संघर्ष समिति
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा है कि ऊर्जा निगमों में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच संवादहीनता के कारण औद्योगिक वातावरण पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। औद्योगिक शांति एवं स्वस्थ कार्य वातावरण की पुनर्स्थापना के लिए ऊर्जा निगमों में जॉइंट मैनेजमेंट काउंसिल का तत्काल गठन किया जाए तथा विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति सहित सभी श्रम संघों एवं सेवा संगठनों के साथ प्रत्येक माह नियमित वार्ता की जाए। यह व्यवस्था प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा जारी निर्देशों की भावना के अनुरूप भी है।
संघर्ष समिति ने स्मरण कराया कि प्रदेश राज्य विद्युत परिषद के समय जॉइंट मैनेजमेंट काउंसिल नियमित रूप से कार्य करती थी। इसकी मासिक बैठकों की अध्यक्षता विद्युत परिषद के अध्यक्ष करते थे। परिषद के सभी मान्यता प्राप्त श्रम संघों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होते थे तथा उत्तर राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ एवं राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, उप्र के प्रतिनिधि आमंत्रित सदस्य के रूप में भाग लेते थे। इससे विभिन्न समस्याओं का समयबद्ध समाधान होता था तथा औद्योगिक शांति बनी रहती थी। संघर्ष समिति ने मांग की है कि कर्मचारियों एवं अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां तत्काल वापस ली जाएं, ऊर्जा निगमों में जॉइंट मैनेजमेंट काउंसिल का पुनर्गठन किया जाए तथा इसमें सभी श्रम संघों के प्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ एवं राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन,प्रदेश के प्रतिनिधियों को आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाए।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
