उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में नियम विरुद्ध ड्राइविंग लाइसेंस बनने की जांच शुरु
बस्ती। उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती में दलालों द्वारा विभागीय सांठगांठ कर बड़ी संख्या में नियम विरुद्ध ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के मामले की विभागीय जांच शुरु हाे गयी है। आरटीओ द्वारा ऐसे सभी चिहि्नत लाइसेंस की जांच के आदेश दिए हैं और जिम्मेदार स्टाफ से भी जरूरी जानकारी जुटायी जा रही है।
बस्ती के आरटीओ फरीदउद्दीन ने साेमवार काे बताया कि संज्ञान में लाये गये सभी ड्राइविंग लाइसेंस नंबरों को जाच की जा रही है। दोषी मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनपद बस्ती में विभागीय सांठगांठ कर बड़ी संख्या में नियम विरुद्ध ड्राइविंग लाइसेंस बनाये गये हैं। इनमें कई ऐसे भी लाइसेंस हैं जिनमें आवेदकों की बैकलॅाग एंट्री अन्य जगह से करवाकर बस्ती में लाइसेंस बनवाए गये हैं। विभागीय जांच में यह भी पता चलेगा कि इस पूरी प्रक्रिया में किन व्यक्तियों की भूमिका रही है।
आरटीओ आफिस के एक कर्मचारी ने बताया कि जनवरी 2013 से पहले मैनुअली लाइसेंस बनते थे और इसका रिकॅार्ड रजिस्टर में रखा जाता था। इसके बाद स्मार्ट कार्ड बनने शुरू हो गए। रिकॅार्ड कम्प्यूटर में रखा जाने लगा। वर्ष 2013 के बाद लाइसेंसों का रिकॅार्ड ऑनलाइन ही है। उन्हें रजिस्टर में रखने की आवश्यकता खत्म हो गई। लेकिन आपसी मिलीभगत से बैकलॅाग एंट्री करवाई और आवासीय पता व लाइसेंस के नवीनीकरण करवाकर गए हैं ।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
