सारठ सीएचसी के आउटसोर्सिंग कर्मियों को 4 माह से नहीं मिला वेतन
देवघर। देवघर जिले के सारठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को पिछले चार महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर आक्रोशित कर्मियों ने रविवार को सीएचसी के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल सफाई कर्मियों, वार्ड बॉय, लैब टेक्नीशियन, एंबुलेंस चालक एवं सुरक्षा गार्डों ने बताया कि पूर्व में वे 'बालाजी' कंपनी के माध्यम से कार्यरत थे, तब उन्हें समय पर वेतन का भुगतान किया जाता था। लेकिन नई आउटसोर्सिंग एजेंसी 'सामंता' के कार्यभार संभालने के बाद से लगातार वेतन भुगतान में देरी हो रही है, जिससे उनके समक्ष रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है।
कर्मियों ने बताया कि कई लोगों के सामने बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, राशन और चिकित्सा जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र बकाया वेतन भुगतान कराने की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय विधायक उदय शंकर सिंह ने कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने डॉ. अजय कुमार तथा डॉ. प्रमोद कुमार से दूरभाष पर बातचीत कर अविलंब बकाया मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विधायक ने आश्वासन दिया कि आउटसोर्सिंग कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा, ताकि उन्हें जल्द से जल्द उनका बकाया वेतन मिल सके।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
‘तरुणमित्र’ श्रम ही आधार, सिर्फ खबरों से सरोकार। के तर्ज पर प्रकाशित होने वाला ऐसा समचाार पत्र है जो वर्ष 1978 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जैसे सुविधाविहीन शहर से स्व0 समूह सम्पादक कैलाशनाथ के श्रम के बदौलत प्रकाशित होकर आज पांच प्रदेश (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखण्ड) तक अपनी पहुंच बना चुका है।
