
रवीश कुमार मणि
पटना, 07 जूलाई ( तरूणमित्र ) । अवैध कोयला कारोबार से केन्द्र, झारखंड व बिहार राज्य को हो रहे नुक़सान को लेकर बीते 03-04 जूलाई को राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक तरूणमित्र ने शीर्षक : “ एसपी , डीटीओ , डीएमओ के संरक्षण में झारखंड से लेकर बिहार तक कोयला का काला कारोबार, माफिया बांटते है करोड़ों- करोड़ “ खबर प्रकाशित किया था । इसपर केंद्रीय गृहमंत्री अमित साह ने संज्ञान लिया है । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह , कोयला व खान मंत्री जी किशन रेड्डी , केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कोयला सचिव, कोयला मंत्रालय, सीआईएसएफ, कोल इंडिया लिमिटेड और बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी ने बीते 05 जूलाई, रविवार को बैठक कर जीरो कोल लीकेज प्लान लागू करने का फ़ैसला लिया गया है ।
गृहमंत्री अमित शाह ने कोयला मंत्रालय और सीआरपीएफ की ओर से अबतक के किए गये कार्रवाई की सराहना किया लेकिन कहां की अवैध खनन व अवैध कोयला कारोबार को पुरी तरह रोक लगाना जरूरी है । इसके लिए प्रभावी कदम उठाने की ज़रूरत है । अमित शाह ने अनधिकृत परिवार पर व्यापक एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ज़ीरो कोल लीकेज प्लान लागू करने का निर्देश दिया है । उन्होंने कहां की एमएमडीआर अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करें । ताकि हो रहे आर्थिक नुक़सान से बचा जा सके । उन्होंने कहां की ई - वे बिल की जांच अवश्य होनी चाहिए साथ ही जीएसटी अधिकारी भी अपनी भागीदारी निभाए ।
अमित शाह ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कोयला क्षेत्र की सूची वाले जगहों पर सीआईएसएफ के टीम को लगाएं । सीआईएसएफ की क्विक रिस्पांस टीम संवेदनशील जगहों पर निगरानी करें व अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें । गृहमंत्री ने कहां की अवैध कोयला कारोबारियों पर कार्रवाई के लिए सार्वजनिक जगहों पर हाई रिजॉल्यूशन कैमरों का लगाया जाएं, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएं एवं सभी आवश्यक कदम उठाएं जाएं । मालूम हो की तरूणमित्र ने खबर प्रकाशित कर यह बताया था की केंद्र सरकार व झारखंड सरकार को प्रतिवर्ष अवैध कोयला खनन व अवैध कोयला कारोबार से 10 हज़ार करोड़ का नुक़सान हो रहा है वहीं 1000-1200 करोड़ का नुक़सान बिहार सरकार को हो रही है ।