ज्वार से बनाएं इंस्टेंट जाली वाला क्रंची डोसा
ज्वार डोसा : आपने चावल का डोसा तो खूब खाया है लेकिन क्या आपने ज्वार का डोसा खाया है। यह स्वाद में बेहद कुरकुरा लगता है। नारियल की चटनी के साथ खाने में आपको गजब का टेस्ट मिलेगा। अगर आपको एकदम जाली वाला पतला डोसा पसंद है तो उसे भी बना सकते हैं। चलिए जानते हैं इसकी रेसिपी
ज्वार का डोसा बनाने के लिए सामग्री:
ज्वार का आटा एक कप, उपमा रवा चार बड़े चम्मच, चावल का आटा चार बड़े चम्मच, नमक स्वादानुसार, काली मिर्च आधा छोटा चम्मच, हरी मिर्च 2, जीरा आधा छोटा चम्मच, पानी तीन कप
कैसे बनाएं ज्वार का डोसा?
ज्वार डोसा का बैटर बनाने के लिए, एक बड़े बाउल में ज्वार का आटा, रवा, चावल का आटा, नमक, काली मिर्च, कटी हुई हरी मिर्च, कटे हुए करी पत्ते और जीरा डालें। सबको आपस में अच्छी तरह मिलाएँ। ज्वार में ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए रवा और चावल का आटा इसे बनावट और कुरकुरापन देते हैं।
अब इसमें 2 कप पानी डालें और फेंटें ताकि बिना गांठ वाला बैटर बन जाए। पतला और आसानी से फैलने वाला बैटर बनाने के लिए 1 कप और पानी डालें। ढककर बैटर को 10 मिनट के लिए अलग रख दें।
डोसा पकाने के लिए, नॉन-स्टिक पैन को तेज़ आँच पर बहुत गर्म करें। ज्वार का डोसा बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि पैन नॉन-स्टिक ही होना चाहिए नॉर्मल पैन पर डोसा चिप जाएगा।
जब पैन गर्म हो जाए, तो बैटर को किनारों से शुरू करते हुए गोल-गोल घुमाते हुए डालें। बैटर अपने आप फैल जाएगा और जाली जैसा पैटर्न बन जाएगा। इस डोसे के लिए पैन का बहुत गर्म होना ज़रूरी है।
डोसे को तेज़ आंच पर 1-2 मिनट तक पकाएं, फिर आंच धीमी कर दें। किनारों पर थोड़ा सा घी डालें और 5-6 मिनट तक या जाली के छेद और किनारे सुनहरे और कुरकुरे होने तक पकाएं।
डोसे को पैन से निकालें और हरी नारियल की चटनी के साथ गरमा-गरम परोसें।
ज्वार का डोसा खाने के फायदे
ज्वार का डोसा कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। यह ग्लूटेन फ्री होने के अलावा फाइबर, प्रोटीन और मिनिल्स का एक बेहतरीन सोर्स है। नाश्ते में ज्वार का डोसा खाने से आपकी पाचन क्षमता बेहतर होती है, ब्लड शुगर कंट्रोल होता है साथ ही यह वेट लॉस में भी फायदेमंद है
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
