साफ्ट हिंदुत्व के सहारे लक्ष्य भेदने की तैयारी में सपा
पीडीए पंचायतों में चंदा चोरी, बेरोजगारी, मंहगाई पर फोकस
विधानसभा वार साइकिल यात्राएं शुरु, अखिलेश करेंगे 18 रैँलियां
लखनऊ। यूपी विधान सभा चुनाव के शखंनाद में कुछ माह की बाकी हैं। सभी दलों ने मिशन 27 फतह की तैयारी तेज कर दी है। मुख्य मुकाबला भाजपा एवं सपा गठबंधन के बीच होना भी तय माना जा रहा है। इसे लेकर साफ्ट एवं हार्ड हिंदुत्व के बीच बयानों की बौछार तेज हो गयी है। सपा ने पीडीए पंचायतों में चंदा चोरी, बेरोजगारी, मंहगाई पर चर्चा तेज कर दी है। साथ ही विधानसभा वार साइकिल यात्राएं आरंभ हो गयी है। मण्डल स्तर सपा मुखिया अखिलेश यादव की रैलियां कराने की चर्चा तेज हो गयी है।
सपा ने इस बार बीजेपी को कड़ी टक्कर देने के लिए मिशन 300 प्लस सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है, जो 2012 से 76 सीटें अधिक है। इसे लेकर पार्टी यादव मुस्लिम फैक्टर ही नहीं बल्कि कई ऐंगल पर कार्य कर रही है। पार्टी इस बार साफ्ट हिदुंत्व को धार दे रही है। मुखिया अखिलेश यादव स्वयं भगवा सहित कई तरह गमछा डालने लगे हैं। वहीं राम मंदिर के दान चोरी को भी प्रमुखता से उठा रहे है इस मुद्दे को चुनाव तक जिंदा रखना चाहते हैं। उन्होंने इटावा में बन रहे केदान नाथ मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या जाने का भी ऐलान कर दिया है। गत दिनों कई भण्डारों में वह प्रसाद बांटते दिखे। इसी मुद्दे पर पार्टी नेता भी खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं। साथ ही पीडीए पंचायतों में चंदा चोरी को लेकर धर्म के सहारे हिंदुओं को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही बेरोजगारी , मंहगाई तथा कानून व्यवस्था को लेकर युवाओं को एकजुट करने का भी प्रयास किया जा रहा है।
पार्टी ने विधानसभा स्तर पर साइकिल यात्रा भी शुरू कर दी है। इसकी जिम्मेदारी संगठन प्रभारी एवं भावी दावेदारों को दी गयी है। कार्यक्रम की मानीटरिंग की जा रही है जिसके आधार पर टिकट वितरण किया जायेगा। इस यात्रा में भाजपा सरकार नाकामियों को लेकर जन संवाद किया जा रहा है। मण्डल स्तर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की रैलियां भी कराने का खाका तैयार हो गया है। इसकी जिम्मेदारी सांसदों, विधायकों एवं जिला टीम को दी गयी है।
संगठन की मजबूती के लिए सभी 1.62 लाख पोलिग बूथों पर 10- 10 युवा की टीम तैयार कर ली गयी है जिसका सत्यापन मुख्यालय सेस किया जा रहा है। इसके अलावा पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक गांवों में हर हफ्ते चौपाल लगाकर सरकार की नाकामियां गिनाई जा रही हैं। अखिलेश खुद हर महीने 2 जिलों का दौरा करने की तैयारी बना रहे हैं और बूथ कार्यकतार्ओं से सीधा संवाद करेंगे। क्योंकि 2022 में 1.5 प्रतिशत वोट से कई सीटें हाथ से निकली थीं। इस बार वह गैप बूथ वर्क से भरा जाएगा।
बसपा से नाराज दलित वोटरों को लुभाने के लिए भीम-संवाद कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। लगभग 19 प्रतिशत मुस्लिम वोट सपा का कोर वोटर है। साथ ही आधी आबादी के लिए महिला सम्मान योजना का वादा भी किया रहा है। सपा ने भाजपा को घेरने के लिए हर जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी जिसमें बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, पेपर लीक और महंगाई पर फोकस किया जायेगा। लेकिन सपा के समक्ष तीसरी बार भाजपा को सत्ता से रोकने की बड़ी चुनौती है।
सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री प्रो अभिषेक मिश्र ने बताया कि बीजेपी मंदिर-मस्जिद करती है, हम रोजगार और महंगाई की बात करेंगे। 2024 की तरह 2027 में इंडिया गठबंधन को सफलता मिलेगी। सपा गठबंधन चाहती है लेकिन शर्तों पर होगा। क्योंकि दोनों का टारगेट बीजेपी को सत्ता से रोकना है। भाजपा से राममंदिर से चढ़ावा चोरी ने हिंदुत्तव को नाराज किया है। एक राष्ट्र एक चुनाव का बहुत शोर है लेकिन जो पंचायत चुनाव नहीं करा पाया वो देश में एक साथ चुनाव कैसे करायेगा। यहां पर इस बार बीजेपी की बेईमानी नहीं चलनें दी जायेगी। त्राहि- त्राहि कर रही जनता भाजपा को इस बार सत्ता से बेदखल करेगी।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
