"न्याय का तराजू अन्याय के बोझ से टूट रहा है"

महबूबा मुफ्ती ने कहा:

दोषी गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलती है, जबकि आरोपी उमर खालिद 5 साल से ज्यादा जेल में हैं, बिना ट्रायल के। सुप्रीम कोर्ट ने आज भी बेल ठुकराई। "न्याय का तराजू अन्याय के बोझ से टूट रहा है।"

गुरमीत राम रहीम कौन?

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 2017 में रेप और 2019 में मर्डर के लिए सजा हुई। फिर भी, 15 बार पैरोल मिल चुकी है, हालिया 40 दिन की।

बार-बार पैरोल

चुनावों के समय अक्सर पैरोल। 2025-26 में कई बार रिहा। आलोचना: दोषी को इतनी छूट क्यों?

उमर खालिद की कैद

2020 में दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार। UAPA के तहत 5+ साल जेल में, ट्रायल नहीं शुरू। आज सुप्रीम कोर्ट ने बेल खारिज की।

टूटता न्याय का तराजू

दोषी को आजादी, आरोपी को कैद। महबूबा का सवाल: न्याय व्यवस्था में ये असमानता क्यों? सुधार की जरूरत।

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