भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स ने 1998 में NASA जॉइन किया। नेवी पायलट से अंतरिक्ष यात्री तक का सफ़र : हिम्मत, मेहनत और जुनून की मिसाल।
2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी से पहली उड़ान। चार स्पेसवॉक, 29 घंटे - उस दौर में किसी भी महिला से ज़्यादा, इतिहास रच दिया।
2012 में ISS पर रहते हुए अंतरिक्ष में पूरी मैराथन दौड़ने वाली दुनिया की पहली इंसान। वहीं स्पेसवॉक कर गंभीर तकनीकी खराबियाँ भी ठीक कीं।
2024 में बोइंग स्टारलाइनर से कुछ दिनों का मिशन, तकनीकी दिक्कतों से 286 दिन का सफ़र। मार्च 2025 में स्पेसएक्स से सुरक्षित वापसी।
27 दिसंबर 2025 को रिटायरमेंट : 9 स्पेसवॉक, 608 दिन अंतरिक्ष में। सुनीता कहती हैं: “अंतरिक्ष मेरी सबसे पसंदीदा जगह है” और यहीं से नई पीढ़ी को रास्ता दिखाती हैं 🚀
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