हाथ से लिखी चिट्ठियों का खास भावनात्मक महत्व था। डाकिया गांवों और शहरों में संदेश पहुंचाने का प्रमुख माध्यम था। ई-मेल और मैसेजिंग ऐप ने इसकी जगह ले ली।
कैसेट में गाने रिकॉर्ड और सेव किए जाते थे। टेप रिकॉर्डर मनोरंजन का मुख्य साधन था। अब मोबाइल, म्यूजिक ऐप और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने जगह ले ली।
मिट्टी के घड़े प्राकृतिक रूप से पानी ठंडा रखते थे। पीतल और तांबे के बर्तन परंपरा का हिस्सा थे। स्टील, प्लास्टिक और आधुनिक उपकरणों ने इनकी जगह ले ली।
लालटेन ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा थी। मिट्टी के दीये त्योहारों और रोजमर्रा के उपयोग में आते थे। बिजली के बल्ब और एलईडी लाइट ने इनका स्थान ले लिया।
बैलगाड़ी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा थी। यात्रा धीमी लेकिन प्रकृति के करीब होती थी। आधुनिक परिवहन साधनों ने इसे लगभग विलुप्त कर दिया।
Next Story