पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ। वे एक महान भारतीय चिंतक, समाजसेवी और राजनेता थे। वे भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं में से एक थे। सादगी और राष्ट्रसेवा उनके जीवन की पहचान थी।
उनका जन्म उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में हुआ। बचपन में ही माता-पिता का निधन हो गया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपनी शिक्षा पूरी की। वे छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े।
1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे 1967 में भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उन्होंने भारतीय राजनीति में वैचारिक दिशा प्रदान की। उनका लक्ष्य राष्ट्रहित और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा था।
उन्होंने “एकात्म मानववाद” का सिद्धांत प्रस्तुत किया। यह विचारधारा भारतीय संस्कृति और मूल्यों पर आधारित है। इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग का समान विकास करना है। यह पूंजीवाद और समाजवाद का संतुलित विकल्प माना जाता है।
11 फरवरी 1968 को उनका निधन रहस्यमय परिस्थितियों में हुआ। उनका पार्थिव शरीर मुगलसराय रेलवे स्टेशन (अब दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) के पास मिला। उनकी मृत्यु ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया।
Next Story