31 दिसंबर 2025 को 1.7 लाख+ डिलीवरी वर्कर्स हड़ताल पर। यूनियन: “क्रिसमस ट्रेलर था, आज फुल पिक्चर!”
ट्रैफिक, कोहरा, रात — सब झेलकर ये राइडर्स आपका ऑर्डर लाते हैं। 12 घंटे काम, ₹700–800 कमाई, कोई इंश्योरेंस नहीं।
1) 10-मिनट डिलीवरी बंद, 2) बेहतर पे + मिनिमम गारंटी, 3) मनमानी ID ब्लॉकिंग खत्म और 4) इंश्योरेंस और पेंशन “हम एल्गोरिदम के गुलाम नहीं।”
25 दिसंबर को 40,000 वर्कर्स हड़ताल पर थे। गुरुग्राम–हैदराबाद में 50–60% डिलीवरी ठप। कंपनियों के बोनस ऑफर भी बेअसर रहे।
रिकॉर्ड ऑर्डर, लेकिन हड़ताल के कारण : लंबी वेट, कैंसलेशन, स्लॉट अनअवेलेबल आपका पिज्जा या ग्रॉसरी लेट हो सकती है।
भारत के 80 लाख+ गिग वर्कर्स, हमारी सुविधा की रीढ़ हैं। एक राइडर: “हमें इज्जत चाहिए।” सवाल वही - क्या कंपनियां सुनेंगी
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