(tolerance):

जीरो टॉलरेंस पर काम करने वाली योगी सरकार ने PWD पर कसा शिकंजा

पीलीभीत । पीलीभीत (tolerance) में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (tolerance) पर काम करने वाली योगी सरकार ने पीडब्ल्यूडी पर शिकंजा कस दिया है। प्रमुख अभियंता पीडब्ल्यूडी ने सड़कों के निर्माणकार्य, गड्ढा मुक्ति और सड़क सुरक्षा कार्यों की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए 75 जनपदों में 75 राज्य स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है।

सभी जनपदों की जांच कमेटी में दो इंजीनियरों को शामिल किया गया है। जो आवंटित जिलों में जाकर 18 और19 मई को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखने के बाद शासन को रिपोर्ट सौपेंगे। पीडब्ल्यूडी में जांच की सूचना से हड़कंप मचा है। मामले के तूल पकड़ने के बाद तत्कालीन प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी नितिन रमेश गोकर्ण ने जांच के आदेश दिए थे।

इसके बाद मुख्य अभियंता एमएम निसार ने भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले की जांच की थी। पीडब्ल्यूडी से जुड़े सूत्रों की अगर माने तो जांच के दौरान फर्म के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों पर नियम विरुद्ध सेलेक्शन बांड बनाने के आरोप तय किये गए लेकिन प्रमुख सचिव के तबादले के साथ ही विभागीय भ्रष्टाचार में फंस कर कारवाई ने दम तोड़ दिया।

इधर शासन स्तर से गठित राज्य स्तरीय जांच कमेटी के सत्यापन में मामला सामने आने की आशंका ने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर और और ठेकेदारों में हड़कंप मचा दिया। टीम को खुश करने के लिए अभी से विभागीय इंजीनियरों ने साठगांठ शुरू कर दी है। यह कमेटी जिला स्तर पर निर्माण कार्यों का सत्यापन कर शासन को रिपोर्ट सौंपेगी।

जांच के दौरान दोनों इंजीनियर पीडब्ल्यूडी की सड़क निर्माणकार्य, गड्ढा मुक्ति, रोड सेफ्टी कार्यों का भौतिक सत्यापन करेगी। सड़क निर्माण कार्यों में घपलेबाजी को लेकर लोक निर्माण विभाग हमेशा ही सुर्खियों में रहता है। पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर में लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने गड्ढा मुक्त अभियान के तहत करोड़ों रुपए का घोटाला पकड़ा है।

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