प्रियंका, परब और सांवत, मुश्किल वक्त में भी उद्धव ठाकरे का साथ दे रहे कौन से ?

शिवसेना Shiv Sena के राज्यसभा सांसद संजय राउत लगातार पार्टी का पक्ष रखने मीडिया के सामने आते रहे हैं। साथ ही वह शिवसेना के मुखपत्र सामना में भी अहम जिम्मेदारी निभाते हैं

महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सत्ता गंवाने के बाद अब शिवसेना बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बड़ी संख्या में सांसद और विधायक उनका साथ छोड़ चुके हैं। हालांकि, इस मुश्किल दौर में भी ठाकरे वफादारों के लिहाज से कमजोर नहीं पड़े हैं। भारत निर्वाचन आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट और महाराष्ट्र की सियासी जमीन तक भी ठाकरे के साथ डटे हुए हैं।

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मौजूदा हालात को देखें तो ठाकरे फूट से हुए नुकसान की भरपाई करने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं से नहीं मिलने के आरोपों के बीच उन्होंने अब संपर्क पर ध्यान बढ़ाया है और अब उनके साथ लगभग हर मौकों पर बेटे आदित्य और तेजस नजर आते हैं।

अब ये संभाल रहे कमान command
शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत लगातार पार्टी का पक्ष रखने मीडिया के सामने आते रहे हैं। साथ ही वह शिवसेना के मुखपत्र सामना में भी अहम जिम्मेदारी निभाते हैं। अब रविवार को हुई प्रवर्तन निदेशालय की कर्रवाई के बाद मीडिया से संपर्क का जिम्मा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी उठाती हुई नजर आ रही हैं। वहीं, उनका साथ अरविंद सावंत दे रहे हैं। राउत को पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था।

रिटायरमेंट के नजदीक, लेकिन पार्टी Party को दी तरजीह
खबर है कि पूर्व मंत्री सुभाष देसाई रिटायरमेंट के करीब हैं, लेकिन शिवसेना के मुश्किल दौर में उन्होंने संगठन को संभालने का बीड़ा उठाया है। इसके साथ ही वह पार्टी के कानूनी काम में भी मदद कर रहे हैं। इधर, सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना की लड़ाई रहे उद्धव गुट का नेतृत्व पूर्व मंत्री अनिल परब, अनिल देसाई और अरविंद सावंत कर रहे हैं।

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जनता public से जुड़े ये नेता
संगठन और कानूनी मोर्चे के अलावा परब, सचिन अहीर, अजय चौधरी, रविंद्र वाइकर, सुनील प्रभु और संजय पोटनिस जैसे नेता जमीन पर जाकर शिवसैनिकों से जुड़ रहे हैं। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संपर्क साधने में सांसद चंद्रकांत खैरे और एमएलसी अंबादास दानवे सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

जो अब शिंदे Shinde के साथ हैं
योगेश कदम, बालाजी कल्याणकर, सुहास कांदे, बालाजी किनिकर, मंगेश कुदलकर, दीपक केसरकर, संजय गायकवाड़, भरत गोगावले, ज्ञानराज चौगले, यामिनी जाधव, प्रदीप जयसवाल, महेंद्र थोर्वे, महेंद्र दलवी, शंभुराज देसाई, गुलाबराव पाटील, चिमनराव पाटील, किशोर पाटील, शाहजी पाटील, अनिल बाबर, रमेश बोरनारे, संदीपन भुमरे, विश्वनाथ भोइर, शांताराम मोरे, संजय राठौड़, संजय रायमुलकर, उदयसिंह राजपूत, दिलीप लांडे, श्रीनिवास वांगा, प्रकाश अबितकर, महेश शिंदे, संजय शिरसत, अब्दुल सत्तार, प्रताप सरनाइक, सदा सरवांकर, तानाजी सावंत, प्रकाश सुर्वे, लाताबाई सोनवाने, दादाजी भुसे का नाम शिंदे गुट में शामिल है।