मौसम बदलते ही बढ़ता है बीमारियों का खतरा गर्मी और उमस से डिहाइड्रेशन हो सकता है। बारिश में वायरल, डेंगू, मलेरिया और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। थोड़ी-सी सावधानी आपको स्वस्थ रख सकती है।
स्वस्थ भोजन, मजबूत शरीर ताजा और घर का बना भोजन खाएं। पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें। कटे हुए फल और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। मौसमी फल और हरी सब्जियां भोजन में शामिल करें।
स्वच्छता ही सुरक्षा है हाथों को साबुन से नियमित धोएं। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी, रिपेलेंट या पूरी बाजू के कपड़े पहनें। पीने के लिए साफ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी इस्तेमाल करें।
रोज़ अपनाएं हेल्दी आदतें हल्का व्यायाम या योग करें। 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद लें। भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें। तेज धूप में बाहर निकलते समय टोपी या छाता का उपयोग करें।
समय पर इलाज है सबसे बड़ी सुरक्षा तेज बुखार, उल्टी, दस्त या लगातार कमजोरी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से दवा लेने से बचें। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें। सावधानी, स्वच्छता और संतुलित आहार ही गर्मी और बारिश में स्वस्थ रहने की कुंजी है।
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