आज बृहस्पति“ऑपोजिशन” की स्थिति में है — इसका अर्थ है कि पृथ्वी, सूर्य और बृहस्पति सीध में हैं, और पृथ्वी बीच में है। इससे बृहस्पति पूरी रात के आकाश में दिखेगा।
बृहस्पति की मजबूत गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी को उल्कापिंडों से बचाने में मदद करती है। इसे रात के आकाश में नंगी आँखों से भी देखा जा सकता है। यह ग्रह वैज्ञानिकों के लिए सौरमंडल को समझने में बहुत महत्वपूर्ण है।
बृहस्पति का आकार इतना बड़ा है कि इसमें 1300 से अधिक पृथ्वी समा सकती हैं। यह मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैस से बना है। इसकी सतह ठोस नहीं है, इसलिए यहाँ खड़ा नहीं हुआ जा सकता।
बृहस्पति के अब तक 90 से अधिक चंद्रमा खोजे जा चुके हैं। इसके चार प्रमुख चंद्रमा हैं: आयो (Io) यूरोपा (Europa) गैनीमीड (Ganymede) कैलिस्टो (Callisto) गैनीमीड सौरमंडल का सबसे बड़ा चंद्रमा है।
🌙 जनवरी में और भी अंतरिक्ष घटनाएँ हैं जैसे मीनो इवेंट और मूस्टरियन मेटियर शावर आदि। लेकिन 10 जनवरी की रात बृहस्पति ऑपोजिशन सबसे बड़ा आकर्षण है। 🔭 अगर आसमान साफ है, तो आज रात जरूर बाहर आकाश की ओर देखें!
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