भारत में सोलर पावर तेजी से बढ़ रही है और अब यह 136 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। यह साफ और सस्ती ऊर्जा का अच्छा विकल्प बन रही है।
सूरज की रोशनी को सोलर पैनल पकड़कर उसे बिजली में बदल देते हैं। इस बिजली को तुरंत उपयोग या स्टोर किया जा सकता है।
सोलर पैनल के सेल्स सूरज की रोशनी से करंट बनाते हैं। ये करंट मिलकर बिजली तैयार करता है।
तीन प्रकार होते हैं—मोनोक्रिस्टलाइन, पॉलीक्रिस्टलाइन और थिन फिल्म। सभी का काम एक जैसा है, फर्क सिर्फ कीमत और क्षमता में है।
मोनोक्रिस्टलाइन सबसे ज्यादा एफिशिएंट है। पॉलीक्रिस्टलाइन सस्ता है और थिन फिल्म हल्का व पोर्टेबल होता है।
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