तेज गर्मी में कूलर राहत देता है, लेकिन अगर उसमें से मछली जैसी या सीलन भरी गंध आने से पूरा कमरा असहज हो जाता ऐसा तब होता है जब टंकी का पानी कई दिनों तक नहीं बदला जाता और उसमें बैक्टीरिया व फंगस पनपने लगते हैं।
कूलर की घास हमेशा गीली रहती है, जिससे उसमें फफूंदी जम जाती है। टंकी में जमी सफेद परत और कीचड़ भी हवा को खराब कर देते हैं।
अगर कूलर से तेज बदबू आ रही है तो सफेद सिरका बेहद असरदार उपाय है। टंकी में साफ पानी भरकर उसमें एक से दो कप सफेद सिरका डालें और कूलर को कुछ मिनट चलाएं।
नीम की पत्तियां या नीम का तेल कूलर को नेचुरल तरीके से फ्रेश रखते हैं। नींबू का रस मिलाने से भी हवा में ताजगी महसूस होती है और बदबू कम हो जाती है।
सिर्फ पानी बदलना काफी नहीं है, कूलर के पैड्स, टैंक, पंप और पाइप की सफाई भी जरूरी होती है। समय-समय पर घास को धूप में सुखाने और पुरानी घास बदलने से फंगस नहीं जमती और कूलर की हवा हमेशा ताजा बनी रहती है।
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