2026 में लोग सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि पोषण और फिटनेस को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। घर का बना, कम प्रोसेस्ड और प्राकृतिक भोजन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हेल्दी ईटिंग अब एक ट्रेंड नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल बन चुकी है।
हर मील में प्रोटीन शामिल करने पर जोर। पनीर, दालें, चना, राजमा, टोफू, ग्रीक योगर्ट और अंडे जैसे विकल्प पसंद किए जा रहे हैं। प्रोटीन से मसल्स, एनर्जी और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद मिलती है।
बाजरा, ज्वार, रागी और कोदो जैसे मिलेट्स फिर से लोगों की थाली में लौट रहे हैं। मखाना, सत्तू, तिल, अलसी और चिया सीड्स जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी लोकप्रिय हैं। लोग स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को अधिक अपना रहे हैं।
दही, छाछ और अन्य प्रोबायोटिक फूड्स का सेवन बढ़ रहा है। पैकेज्ड स्नैक्स की जगह फल, ड्राई फ्रूट्स, भुना चना और मखाना पसंद किए जा रहे हैं। कम चीनी और कम प्रोसेस्ड विकल्पों की मांग लगातार बढ़ रही है।
"लोकल खाएं, संतुलित खाएं और सोच-समझकर खाएं।" हर भोजन में प्रोटीन, फाइबर, साबुत अनाज और मौसमी फल-सब्जियां शामिल करें। पर्याप्त पानी पिएं, नियमित शारीरिक गतिविधि करें और जरूरत के अनुसार ही कैलोरी लें। लंबे समय तक अपनाई जा सकने वाली संतुलित खानपान की आदतें, किसी भी फैड डाइट से अधिक टिकाऊ होती हैं।
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