क्रिप्टोकरेंसी डिजिटल मुद्रा का नया रूप है भारत में पिछले कुछ वर्षों में इसका उपयोग तेजी से बढ़ा है युवा निवेशकों में खासा आकर्षण देखा जा रहा है बिटकॉइन, एथेरियम जैसी करेंसी सबसे लोकप्रिय हैं
निवेश और ट्रेडिंग के लिए बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है फिनटेक और डिजिटल पेमेंट सेक्टर में रुचि बढ़ी है सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जागरूकता बढ़ी छोटे शहरों में भी निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है
तेज और सीमाहीन लेन-देन की सुविधा पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम पर निर्भरता कम उच्च रिटर्न की संभावना (लेकिन जोखिम भी अधिक) ब्लॉकचेन तकनीक से पारदर्शिता
सरकार ने क्रिप्टो को कानूनी मुद्रा का दर्जा नहीं दिया क्रिप्टो पर टैक्स लागू किया गया (लाभ पर 30% टैक्स) 1% टीडीएस (TDS) का प्रावधान लागू है नियामक ढांचा अभी विकास की प्रक्रिया में है
उच्च जोखिम और मूल्य में भारी उतार-चढ़ाव साइबर फ्रॉड और सुरक्षा चिंताएँ स्पष्ट और मजबूत कानूनों की आवश्यकता भविष्य में डिजिटल एसेट्स के लिए व्यापक नियम बन सकते हैं
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