सागवान की खेती क्यों है खास?

सागवान (टीक) की लकड़ी देश की सबसे कीमती इमारती लकड़ियों में गिनी जाती है। इसकी बढ़ती मांग और ऊंची कीमत को देखते हुए अब किसान इसे लंबे समय के निवेश कर सकते है।

सरकार दे रही है 100% तक सहायता

छत्तीसगढ़ सरकार कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सागवान की खेती पर अनुदान दे रही है। छोटे और सीमांत किसानों को 5 एकड़ तक पौधरोपण करने पर 100 प्रतिशत की सहायता मिल सकती है।

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

योजना के तहत प्रति सागवान पौधे पर 94.50 रुपये की सहायता तय की गई है। वहीं 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में खेती करने वाले बड़े किसानों और संस्थानों को इसी राशि का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।

कम जमीन में भी होगी अतिरिक्त कमाई

अगर पूरी जमीन उपलब्ध नहीं है, तो किसान अपने खेत की मेड़ या बाउंड्री पर भी सागवान के पौधे लगा सकते हैं। इससे मुख्य फसल के साथ भविष्य में लकड़ी बेचकर अतिरिक्त आय का अवसर मिलता है।

10–12 साल में मिलेगा बड़ा रिटर्न

सागवान का पेड़ पूरी तरह तैयार होने में लगभग 10 से 12 साल लेता है। लेकिन अच्छी गुणवत्ता की लकड़ी से मिलने वाला रिटर्न किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है।

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