6 दिसंबर आधी रात को बिर्च क्लब में पायरोटेक्निक शो के दौरान पटाखे फटे। लकड़ी की छत ने तुरंत आग पकड़ ली, 25 लोगों की जान चली गई। स्प्रिंकलर नहीं थे, इमरजेंसी एग्जिट बंद – एक चिंगारी ने सब खत्म कर दिया।
क्लब झील के छोटे से द्वीप पर था, बाहर निकलने की सिर्फ एक पतली पुलिया। 300 से ज्यादा लोग अंदर थे, धुआं भरते ही भगदड़ मच गई। लोग झील में कूदे, छत गिर गई – ज्यादातर मौतें दम घुटने और कुचले जाने से हुईं।
आरपोरा के नमक के मैदानों पर बिना किसी मंजूरी के बनाया गया था। असली मालिक पिछले 20 साल से कोर्ट में चीख रहा था, कोई नहीं सुना। फायर NOC 2023 में खत्म हो चुका था, फिर भी पार्टी चलती रही।
सौरभ और गौरव लूथरा – दिल्ली के बड़े क्लब कारोबारी, 50 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस। गोवा में कई जगह चलाते थे, ज्यादातर अवैध तरीके से। सुरक्षा नियमों को अनदेखा कर सिर्फ पैसा कमाने पर फोकस था।
6 दिसंबर रात आग लगी। अगली सुबह 5:30 बजे दिल्ली से फुकेट की फ्लाइट पकड़ ली। पुलिस की लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी होने से ठीक पहले थाईलैंड भाग गए।
(9 दिसंबर) इंटरपोल ने ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया, वैगेटर बीच का उनका शैक आज बुलडोजर से गिराया गया। पूरा बिर्च साइट सील, गोवा में सैकड़ों क्लबों की जांच शुरू। लोग गुस्से में: “पैसे के लिए 25 जानें ले लीं?”
6 दिसंबर आधी रात को बिर्च क्लब में पायरोटेक्निक शो के दौरान पटाखे फटे। लकड़ी की छत ने तुरंत आग पकड़ ली, 25 लोगों की जान चली गई। स्प्रिंकलर नहीं थे, इमरजेंसी एग्जिट बंद – एक चिंगारी ने सब खत्म कर दिया।
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