कटरा की पहाड़ियों में स्थित वैष्णो देवी मंदिर देश के सबसे लोकप्रिय तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां तक की लगभग 13 किलोमीटर की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव बन जाती है। हर साल लाखों भक्त यहां माता के दर्शन करने पहुंचते हैं।
राजस्थान का करणी माता मंदिर अपनी अनोखी पहचान के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां हजारों चूहे रहते हैं, जिन्हें ‘काबा’ कहा जाता है। श्रद्धालु इन्हें देवी का स्वरूप मानकर इनके बीच नंगे पांव चलते हैं—यहां का अनुभव बिल्कुल अलग और अद्भुत होता है।
नीलांचल पहाड़ी पर स्थित कामाख्या मंदिर शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर देवी के स्त्रीत्व और सृजन शक्ति का प्रतीक माना जाता है। तांत्रिक साधना के लिए भी यह स्थान बेहद महत्वपूर्ण है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित ज्वाला देवी मंदिर की खास बात यह है कि यहां कोई मूर्ति नहीं है। सदियों से जलती आ रही ज्योतियां ही देवी का स्वरूप मानी जाती हैं। यह चमत्कार श्रद्धालुओं को गहरी आस्था से जोड़ता है।
अलकनंदा नदी के किनारे स्थित धारी देवी मंदिर को चार धाम की रक्षक देवी माना जाता है। मान्यता है कि देवी दिन में तीन बार अपना रूप बदलती हैं। यह मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शक्ति का अद्भुत संगम है।
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